सोलर ऊर्जा से संवरती ज़िंदगी : ‘सूर्यघर योजना’ बनी परिवारों के स्वावलंबन का आधार

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य घरेलू बिजली खर्च को घटाना, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और देश को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। अक्षय ऊर्जा को अपनाकर आज राज्य के हज़ारों परिवार न केवल आर्थिक बचत कर रहे हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अपनी अहम भागीदारी निभा रहे हैं।
बिजली बिल हुआ शून्य, बढ़ी बचत
इसी क्रम में कोरबा के पत्थरीपारा क्षेत्र की रहने वाली श्रीमती लारा तिर्की और उनके पति श्री अनजुलस तिर्की भी इस योजना के सफल लाभार्थी बने हैं। योजना की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगवाया।
सितंबर 2025 में सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद से उनका बिजली बिल पूरी तरह खत्म हो गया है। श्रीमती तिर्की ने बताया कि पहले उन्हें हर महीने लगभग 1,000 से 1,500 रुपये तक बिजली का बिल देना पड़ता था, लेकिन अब लगातार शून्य बिल आ रहा है, जिससे उनके परिवार को सीधी आर्थिक राहत मिल रही है।
सरकार से मिली भारी सब्सिडी
सोलर सिस्टम लगाने के अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने बताया कि इस प्लांट को बैठाने में उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कुल 1,08,000 रुपये की सब्सिडी मिली। इस वित्तीय सहायता की वजह से उन पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ा और संयंत्र आसानी से स्थापित हो गया।
पर्यावरण सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संदेश
लारा तिर्की का कहना है कि यह योजना सिर्फ पैसे बचाने का ज़रिया नहीं है, बल्कि यह कार्बन उत्सर्जन घटाने और प्रकृति को सुरक्षित रखने का एक बेहतरीन माध्यम भी है। उन्होंने ज़िले के अन्य निवासियों से भी अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस योजना से जुड़ें और अपने घरों में सोलर रूफटॉप लगवाएं।
आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और स्वच्छ ऊर्जा के सपने को साकार करने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सहृदय धन्यवाद व्यक्त किया।
















