छत्तीसगढ़

हौसलों को मिली पक्की छत : कैसे पीएम आवास योजना बनी दिव्यांग राम प्रसाद का संबल

बलरामपुर। बलरामपुर जिले की ग्राम पंचायत बदौली के रहने वाले राम प्रसाद के लिए जीवन कभी भी आसान नहीं था। शारीरिक दिव्यांगता के कारण रोज़मर्रा के काम पहले ही एक चुनौती थे, उस पर एक जर्जर कच्चे मकान में रहना उनकी मुश्किलें और बढ़ा देता था। खासकर मानसून के महीनों में छत से टपकता पानी और ढहती दीवारों का डर उनके परिवार की रातों की नींद उड़ा देता था। सीमित आमदनी की वजह से एक पक्का मकान बनाना उनके लिए महज एक दूर का सपना था।

लेकिन साल 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव लेकर आई। इस योजना के तहत वित्तीय सहायता मिलने के बाद राम प्रसाद का अपने पक्के घर का सपना हकीकत में बदल गया।

संकट का दौर और बदलाव की शुरुआत

राम प्रसाद के जीवन का यह सफर संघर्ष से सुरक्षा की ओर बढ़ने की एक अनूठी कहानी है। योजना के क्रियान्वयन और जिला प्रशासन के सहयोग से आज उनका परिवार एक सुरक्षित और पक्के घर में रह रहा है।

“पहले हर मौसम एक नया डर लेकर आता था, लेकिन आज मेरे परिवार के पास अपनी सुरक्षित छत है। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरा यह सपना इस तरह सच हो पाएगा।”
— राम प्रसाद, लाभार्थी

शासन के प्रयासों से सुधर रहा जीवनस्तर

बलरामपुर जिले में इस योजना को धरातल पर उतारने में स्थानीय प्रशासन की भूमिका अहम रही है। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी और जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर के कुशल मार्गदर्शन में योजना का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा रहा है।

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