छत्तीसगढ़

सरगुजा में शाला प्रवेश उत्सव का भव्य शुभारंभ : ‘हर बच्चे तक पहुंचेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा : पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल

रायपुर। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के आगाज पर सरगुजा जिले के पी.जी. कॉलेज ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय ‘शाला प्रवेश उत्सव’ का गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पर्यटन, संस्कृति व धार्मिक न्यास मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने पारंपरिक तरीके से स्कूल की घंटी बजाकर सत्र की शुरुआत की। उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर गर्मजोशी से स्वागत किया।

सफलता का मूल आधार है शिक्षा

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव शिक्षा ही है। ज्ञान, कौशल और आत्मविश्वास ही जीवन में प्रगति के द्वार खोलते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल स्कूलों में दाखिला कराना नहीं, बल्कि हर बच्चे को नियमित रूप से बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा जैसी पिछड़ी जनजातियों के क्षेत्रों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी बच्चे को शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बेटा-बेटी में बिना किसी भेदभाव के उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजें।

विशिष्ट अतिथियों के विचार व प्रशासनिक पहल

युवा आयोग अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर: उन्होंने छात्रों को निरंतर मेहनत करने और अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव: उन्होंने कहा कि ऐसे उत्सवों से छोटे बच्चों के मन से विद्यालय का भय दूर होता है।

भरत सिंह सिसोदिया: उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को ज्ञान के साथ-साथ उच्च नैतिक संस्कार भी दें।

कलेक्टर अजीत वसंत: उन्होंने जिले में शिक्षा के बुनियादी ढांचे के विस्तार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भवनविहीन स्कूलों के लिए राशि स्वीकृत की गई है, जाति प्रमाण पत्र बनाए गए हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं (मेडिकल/इंजीनियरिंग) की तैयारी के लिए छात्रों को कोचिंग की सुविधा दी जा रही है। साथ ही शिक्षकों की कमी दूर करने हेतु अतिथि शिक्षकों की तैनाती भी जारी है।

सामग्री वितरण, साइकिल योजना और सम्मान समारोह

निःशुल्क सामग्री वितरण: कक्षा 1ली, 6वीं और 9वीं के नवप्रवेशी बच्चों को स्कूल बैग, पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां और यूनिफॉर्म बांटी गईं।

साइकिल वितरण: राज्य सरकार की योजना के तहत 21 छात्राओं को साइकिलें प्रदान की गईं, ताकि बालिकाओं को स्कूल आने-जाने में सहूलियत मिले।

शिक्षकों व वॉलेंटियर्स का सम्मान: शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 21 ‘शिक्षा दूत पुरस्कार’ और 3 ‘ज्ञान दीप पुरस्कार’ विजेताओं को शॉल व श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत बेहतर कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने साक्षरता की शपथ ली और समाज के हर वर्ग तक शिक्षा का प्रकाश फैलाने का संकल्प जताया।

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