नया राजनीतिक इतिहास : रिकॉर्ड की झड़ी के बाद अब नेहरू के सबसे बड़े कीर्तिमान की ओर बढ़े पीएम मोदी

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारतीय राजनीति के फलक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता के शिखर पर अपने 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इस सफर में उन्होंने कई ऐसे मील के पत्थर छुए हैं जो दशकों से अटूट माने जाते थे। गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री के तौर पर सबसे लंबा वक्त बिताने से लेकर लगातार तीन आम चुनाव जीतने तक, उनके नाम कई बड़ी उपलब्धियां दर्ज हो चुकी हैं। लेकिन इस फेहरिस्त में अभी भी कुछ ऐसे ऐतिहासिक रिकॉर्ड बाकी हैं, जिन्हें पार करना उनके अगले लक्ष्यों में शामिल हो सकता है—खासकर देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का सबसे लंबा कार्यकाल।
शासन प्रमुख के रूप में सबसे लंबा सफर
22 मार्च 2026 को नरेंद्र मोदी के नाम एक अनोखा गौरव दर्ज हुआ। वह राज्य के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के दोनों कार्यकालों को मिलाकर भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले राजनेता बन गए। इस मामले में उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग को पीछे छोड़ दिया।
एक प्रशासनिक प्रमुख के रूप में उनकी यह लंबी यात्रा दो हिस्सों में बंटी है:
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में: अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक
भारत के प्रधानमंत्री के रूप में: मई 2014 से लेकर वर्तमान तक
सत्ता की कमान लगातार अपने हाथों में रखते हुए वे 8,930 दिनों से अधिक का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं।
सबसे सफल गैर-कांग्रेसी राष्ट्रप्रमुख
नरेंद्र मोदी भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे लंबे समय तक पद संभालने वाले पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं। इस मामले में उन्होंने बहुत पहले ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के रिकॉर्ड को पार कर लिया था। इसके अलावा, वह देश के पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी नेता भी बने, जिन्होंने लगातार दो बार (2014 और 2019) अपनी पार्टी को पूर्ण बहुमत दिलाकर सरकार बनाई।
लगातार तीसरी बार कमान: नेहरू की बराबरी
वर्ष 2024 के आम चुनाव के बाद लगातार तीसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेकर उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू के ऐतिहासिक रिकॉर्ड की बराबरी कर ली थी।
हालांकि, दोनों नेताओं के इस सफर में एक बुनियादी अंतर है। नेहरू ने 1947 में आजादी के बाद अंतरिम रूप से देश की कमान संभाली थी और पहला आम चुनाव 1952 में हुआ था। इसके उलट, नरेंद्र मोदी ने तीनों बार सीधे जनता के बीच जाकर, आम चुनावों के जरिए लोकतांत्रिक रूप से पूर्ण बहुमत या गठबंधन के नेता के तौर पर यह मुकाम हासिल किया है।
कीर्तिमान (Record),वर्तमान स्थिति / रिकॉर्डधारी,पीएम मोदी के लिए समीकरण
प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल,”जवाहरलाल नेहरू: 16 वर्ष 286 दिन (6,131 दिन)”,पीएम मोदी को इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए 2029 का चुनाव जीतना होगा और 2030 के आखिर तक पद पर रहना होगा।
चौथी बार प्रधानमंत्री बनने का गौरव,अब तक भारत में कोई नहीं,”यदि वह 2029 में दोबारा चुने जाते हैं, तो देश के इतिहास में 4 बार पीएम बनने वाले पहले नेता होंगे।”
एकल पार्टी की सबसे बड़ी लोकसभा जीत,कांग्रेस (1984): राजीव गांधी के नेतृत्व में 414 सीटें,”भाजपा ने मोदी के नेतृत्व में अधिकतम 303 सीटें (2019) जीती हैं, जो इस सर्वकालिक रिकॉर्ड से पीछे है।”
एक नजर इस पर भी: हालांकि पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री के रूप में 12 साल से ज्यादा का समय गुजारा, लेकिन केवल मुख्यमंत्री पद पर सबसे लंबे समय तक रहने का रिकॉर्ड आज भी पवन कुमार चामलिंग (24 वर्ष 165 दिन) और नवीन पटनायक (24 वर्ष 99 दिन) के नाम है। चूंकि मोदी अब पूर्ण रूप से राष्ट्रीय राजनीति में स्थापित हैं, इसलिए यह रिकॉर्ड अब उनके लिए प्रासंगिक नहीं रह गया है।
आने वाले वर्षों में भारतीय राजनीति का पूरा ध्यान इस बात पर टिका रहेगा कि क्या पीएम मोदी नेहरू के सबसे लंबे कार्यकाल के इस आखिरी बड़े किले को फतह कर पाते हैं या नहीं।
















