बीजापुर में खरीफ की तैयारियां तेज : सोसायटियों में खाद-बीज का भारी स्टॉक, कालाबाजारी पर रहेगी पैनी नजर

बीजापुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की दस्तक के साथ ही खरीफ फसलों की बुआई के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। किसानों को खेती-किसानी की जरूरी चीजें जैसे अच्छी क्वालिटी के बीज और खाद मिलने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए बीजापुर जिले की सहकारी समितियों (सोसायटियों) में एडवांस स्टॉक जमा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिले के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप की मंशा के अनुरूप कलेक्टर विश्वदीप ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसानों को समय पर सामग्री मिले और खाद-बीज की जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
खाद की कोई कमी नहीं, वितरण का काम जारी
कृषि विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस साल जिले में कुल 4,665 मीट्रिक टन उर्वरक (खाद) की जरूरत का अनुमान लगाया गया है। इसके मुकाबले अब तक 2,296 मीट्रिक टन से ज्यादा खाद सोसायटियों में पहुंच चुकी है। यूरिया और डीएपी जैसी जरूरी खाद का वितरण किसानों को लगातार किया जा रहा है ताकि उन्हें ऐन वक्त पर परेशान न होना पड़े।
नई तकनीक और वैकल्पिक खादों पर जोर
कृषि विशेषज्ञ इस बार किसानों को पारंपरिक खादों के साथ-साथ नए विकल्पों को अपनाने की सलाह दे रहे हैं। डीएपी की जगह सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP), 20:20:0:13 और नैनो डीएपी का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही, फसलों में नाइट्रोजन की कमी को पूरा करने के लिए ‘नैनो यूरिया’ के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों की खेती की लागत कम होगी और पैदावार भी बेहतर होगी।
उन्नत बीजों का बड़ा स्टॉक तैयार
जिले में सुचारु बुआई के लिए इस सीजन में 11,994 क्विंटल बीज की मांग तय की गई है। इसके रिस्पॉन्स में अब तक 6,239 क्विंटल से अधिक उन्नत और प्रमाणित (certified) बीजों का भंडारण सोसायटियों में किया जा चुका है। किसान अपनी जरूरत के हिसाब से केंद्र पर जाकर बीज ले रहे हैं ताकि सही समय पर खेतों में बोनी की जा सके।
किसानों को संबल, उत्पादन बढ़ने की उम्मीद
जिला प्रशासन और कृषि विभाग की इस मुस्तैदी से किसान बेहद राहत महसूस कर रहे हैं। समय पर खाद और बीज मिलने से न सिर्फ खेती के काम में तेजी आएगी, बल्कि इससे जिले में फसलों का उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आमदनी को भी मजबूती मिलेगी।
















