कृषक उन्नति योजना बनी किसानों का संबल, एकमुश्त मदद से बदली खेती की तस्वीर

रायपुर। कबीरधाम जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम कोडार के कृषक सहसराम पटेल के लिए राज्य सरकार की कृषक उन्नति योजना एक जीवनदायिनी योजना साबित हुई है। इस योजना ने न केवल उनकी खेती-किसानी को नई रफ्तार दी है, बल्कि उनके पूरे परिवार को एक सुरक्षित भविष्य भी प्रदान किया है। समर्थन मूल्य पर धान बेचने के बाद उनके खाते में आई अतिरिक्त राशि ने उनके हौसले और कृषि के प्रति उनके लगाव को दोगुना कर दिया है।
इस साल सहसराम ने सहकारी केंद्र में लगभग 105 क्विंटल धान की पैदावार बेची थी। इसके एवज में कृषक उन्नति योजना के माध्यम से उनके बैंक अकाउंट में करीब 74 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। अपनी खुशी साझा करते हुए सहसराम ने बताया कि इस एकमुश्त रकम से उन्होंने आगामी फसल के लिए उन्नत बीज, खाद और खेती-किसानी के आधुनिक औजार खरीदे। खेती के अलावा, उन्होंने इस पैसों का एक बड़ा हिस्सा अपने बच्चों की उच्च शिक्षा पर खर्च किया और बाकी बची रकम को भविष्य की आपातकालीन जरूरतों के लिए बैंक में जमा कर दिया। उनका कहना है कि सही समय पर सही दाम मिलने से किसान न केवल कर्ज के दलदल से बचता है, बल्कि अगली फसल की तैयारी भी बिना किसी मानसिक तनाव के कर पाता है।
छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार द्वारा चलाई जा रही यह योजना सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत कर रही है। किसानों को उनकी फसल का वाजिब और बेहतर दाम मिलने से गांवों में समृद्धि आ रही है। शासन की इस कल्याणकारी नीति की सराहना करते हुए सहसराम पटेल ने सरकार का धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि यह योजना आज के दौर में अन्नदाताओं के लिए सबसे बड़ी मददगार बनकर उभरी है।
















