छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल : बस्तर में तैनात 61 निरीक्षकों का मैदानी इलाकों में तबादला

रायपुर। छत्तीसगढ़ के गृह विभाग ने कानून व्यवस्था और प्रशासनिक संतुलन को मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग में एक बड़ा बदलाव किया है। राज्य शासन द्वारा जारी नवीनतम आदेश के तहत बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित जिलों में लंबे समय से मोर्चे पर तैनात 61 पुलिस इंस्पेक्टरों (निरीक्षकों) का तबादला कर दिया गया है। इन सभी अधिकारियों को अब राज्य के मैदानी जिलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
यह आदेश राज्य पुलिस स्थापना बोर्ड की सिफारिशों के बाद पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुणदेव गौतम के हस्ताक्षर से जारी किया गया है। इस फेरबदल में जगदलपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और कांकेर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में कार्यरत अधिकारी शामिल हैं।
वन-टाइम प्रमोशन वाले अधिकारियों को मिली नई कमान
मिली जानकारी के मुताबिक, इस सूची में शामिल अधिकांश पुलिस अधिकारी वे हैं जिन्हें ‘वन-टाइम प्रमोशन’ स्कीम के तहत इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत किया गया था। ये अधिकारी पिछले कई वर्षों से बस्तर के बेहद चुनौतीपूर्ण और अंदरूनी इलाकों में अपनी सेवाएं दे रहे थे। कठिन परिस्थितियों में लंबे समय तक काम करने के बाद, अब इन्हें राहत देते हुए मैदानी जिलों में भेजा गया है।
क्यों जरूरी था यह प्रशासनिक बदलाव?
सूत्रों के अनुसार, इस बड़े पैमाने पर किए गए तबादले के पीछे दो मुख्य वजहें हैं:
कार्यशैली में नयापन: नक्सल प्रभावित मोर्चों पर नए दृष्टिकोण और नई ऊर्जा के साथ पुलिसिंग को और मजबूत करना।
अनुभव का लाभ: बस्तर के जंगलों और चुनौतीपूर्ण माहौल में काम कर चुके इन अनुभवी अधिकारियों के फील्ड अनुभव का फायदा अब राज्य के मैदानी जिलों की कानून व्यवस्था सुधारने में लिया जाएगा।
गृह विभाग ने आदेश जारी करने के साथ ही सभी संबंधित थाना प्रभारियों और निरीक्षकों को तत्काल प्रभाव से अपनी पुरानी जगह से कार्यमुक्त होकर नए जिलों में कार्यभार संभालने के निर्देश दिए हैं।
















