रेत माफियाओं पर बीजापुर विधायक की सर्जिकल स्ट्राइक : आधी रात को मिनगाछल नदी पर छापा, मशीनें ज़ब्त

बीजापुर। बीजापुर जिले के नैमेड इलाके में बहने वाली मिनगाछल नदी से अवैध रूप से रेत निकालने वाले सिंडिकेट के खिलाफ स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी ने मोर्चा खोल दिया है। विधायक ने देर रात अचानक नदी किनारे पहुंचकर छापेमारी की, जिससे रेत का अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया। मौके पर भारी भरकम मशीनें और गाड़ियाँ रात के अंधेरे में रेत की चोरी करते हुए पकड़ी गईं।
आधी रात को चल रहा था खेल, विधायक ने खुद संभाला मोर्चा
जानकारी के मुताबिक, रात के करीब 1:30 बजे मिनगाछल नदी के सीने को पोकलेन, जेसीबी और चैन माउंटिंग जैसी भारी मशीनों से खोदा जा रहा था। रेत माफिया रातभर में नदी से सैकड़ों टन रेत निकालकर उसे अलग-अलग जगहों पर छिपाने (डंप करने) की फिराक में थे। जैसे ही इस काले कारोबार की भनक विधायक विक्रम मंडावी को लगी, वे बिना वक्त गंवाए खुद ग्राउंड जीरो पर जा पहुंचे।
मौके की हकीकत देखने के बाद विधायक ने तुरंत फोन घुमाकर नैमेड थाना प्रभारी और जिला खनिज विभाग के अफसरों को मौके पर तलब किया। विधायक के निर्देश मिलते ही पुलिस और माइनिंग विभाग का अमला तुरंत एक्शन में आया और नदी पर पहुंच गया।
नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग
इस पूरी कार्रवाई को लेकर विधायक विक्रम मंडावी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा:
“सरकारी नियमों के मुताबिक 10 जून से लेकर 15 अक्टूबर तक नदियों से किसी भी तरह के रेत खनन पर पूरी तरह पाबंदी होती है। इसके बावजूद रात के सन्नाटे में मशीनों से नदी को खोदा जाना एक गंभीर अपराध है। मुझे अंदेशा है कि इस अवैध धंधे के पीछे कुछ बड़े और रसूखदार चेहरों का हाथ है। इस पूरे नेटवर्क की निष्पक्षता से जांच होनी चाहिए।”
भारी मात्रा में गाड़ियाँ और मशीनें सील
प्रशासन और पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई के दौरान मौके से अवैध खनन में जुटी एक पोकलेन मशीन, एक जेसीबी और चार बड़े वाहनों को रंगे हाथों पकड़कर ज़ब्त कर लिया गया है। खनिज विभाग ने सभी गाड़ियों को सील कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस औचक कार्रवाई के बाद से पूरे इलाके में रेत माफिया बैकफुट पर हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने विधायक के इस कदम की तारीफ करते हुए कहा कि अगर इसी तरह की कड़ी कार्रवाई लगातार होती रहे, तो न सिर्फ प्राकृतिक संसाधनों की लूट रुकेगी बल्कि पर्यावरण को होने वाले नुकसान को भी बचाया जा सकेगा।
















