राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मियों को मिला बड़ा सुरक्षा कवच, जारी हुआ बीमा आदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत काम करने वाले कर्मचारियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल द्वारा हाल ही में किए गए वादे को अमलीजामा पहनाते हुए राज्य सरकार ने कर्मचारियों को बड़ी बीमा सुरक्षा देने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। गौरतलब है कि इस महीने की 13 तारीख को हुए एनएचएम कर्मचारी महासम्मेलन में राज्य सरकार ने इसका भरोसा दिलाया था।
छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ की सक्रिय भूमिका के चलते ‘बैंक ऑफ इंडिया’ (BOI) के साथ एक विशेष समझौता (MoU) किया गया है। इस नए वित्तीय और सुरक्षा समझौते के तहत स्वास्थ्य कर्मियों को कई तरह के महत्वपूर्ण बीमा लाभ मिलेंगे:
दुर्घटना सुरक्षा: किसी भी अनहोनी या व्यक्तिगत एक्सीडेंट की स्थिति में ₹140 लाख (1.4 करोड़) का सुरक्षा कवर दिया जाएगा।
विकलांगता सहायता: पूरी तरह से अक्षम (स्थायी पूर्ण विकलांगता) होने पर ₹140 लाख और आंशिक रूप से अपंग होने पर ₹70 लाख की आर्थिक मदद का प्रावधान है।
हवाई दुर्घटना: विमान हादसे की सूरत में यह बीमा राशि बढ़कर ₹2 करोड़ तक हो जाएगी।
परिवार और शिक्षा: कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई के लिए प्रति बच्चा ₹5 लाख (अधिकतम दो बच्चों के लिए ₹10 लाख) की सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही, सामान्य मृत्यु होने पर ₹6 लाख का ग्रुप टर्म इंश्योरेंस और बेहद कम दरों पर हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा भी शामिल है।
क्या है जरूरी शर्त?
कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी ने स्पष्ट किया कि इन सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए कर्मचारियों का वेतन खाता (Salary Account) बैंक ऑफ इंडिया में होना अनिवार्य है। बैंक खाते में पहली सैलरी जमा होते ही ये सभी सुरक्षा लाभ अपने आप सक्रिय हो जाएंगे।
इस कदम को ऐतिहासिक बताते हुए संघ के प्रवक्ता पुरन दास ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील फैसले से न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि उनके परिवारों को भी एक मजबूत सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
















