बस्तर संभाग का कायाकल्प : 506 नए आंगनबाड़ी भवनों को मिली मंजूरी

जगदलपुर। बस्तर संभाग में अब कोई भी आंगनबाड़ी केंद्र जर्जर या बिना भवन के नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने क्षेत्र में 506 नए आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण को हरी झंडी दे दी है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आदिवासी और ग्रामीण अंचलों में बच्चों को सुरक्षित माहौल और माताओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है।
बजट और फंडिंग का ढांचा
प्रशासन ने हर एक आंगनबाड़ी भवन के निर्माण के लिए 11.69 लाख रुपये का बजट तय किया है। खास बात यह है कि इस राशि को किसी एक विभाग पर बोझ बनाने के बजाय अलग-अलग सरकारी योजनाओं और स्थानीय फंड से आपस में जोड़कर (कन्वर्जेंस के जरिए) जुटाया जाएगा:
विभाग / स्रोत,आवंटित राशि (प्रति भवन)
मनरेगा (MGNREGA),”₹8,00,000″
महिला एवं बाल विकास विभाग,”₹2,00,000″
DMF / CSR एवं अन्य स्थानीय स्रोत,”₹1,69,000″
कुल बजट,”₹11,69,000″
क्यों जरूरी है यह फैसला?
आंगनबाड़ी केंद्र सिर्फ क ख ग घ सीखने की जगह नहीं हैं। ये ग्रामीण इलाकों में बच्चों के पोषण, नियमित टीकाकरण, शुरुआती स्वास्थ्य जांच और गर्भवती व शिशुवती माताओं की देखभाल के सबसे बड़े केंद्र होते हैं। मजबूत भवनों के बनने से इन सभी सेवाओं को बिना किसी बाधा के लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और गति दोनों का ध्यान रखा जाए, ताकि बस्तर के बच्चों को जल्द से जल्द एक सुरक्षित और संसाधन-युक्त शुरुआती परिवेश मिल सके।
















