कूनो नेशनल पार्क : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ‘चीता मित्रों’ से की बात, संरक्षण प्रयासों की जमकर सराहना की

श्योपुर (एजेंसी)। अपने दो दिवसीय दौरे पर कूनो नेशनल पार्क पहुँचीं देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने सोमवार को जमीनी स्तर पर वन्यजीव संरक्षण में जुटे ‘चीता मित्रों’ से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने चीतों की सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर किए जा रहे प्रयासों और उनके अनुभवों को जाना।
ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं ‘चीता मित्र’
संवाद के दौरान स्थानीय वॉलेंटियर्स (चीता मित्रों) ने राष्ट्रपति को बताया कि कूनो नेशनल पार्क के आस-पास के सभी गाँवों में लोग सक्रियता से काम कर रहे हैं। वे ग्रामीणों को समझाते हैं कि चीते स्वभाव से हिंसक नहीं होते और इंसानों को नुकसान नहीं पहुँचाते। अगर कभी कोई चीता आबादी क्षेत्र या खेतों की तरफ आ भी जाता है, तो ग्रामीण पैनिक होने के बजाय तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना देते हैं। राष्ट्रपति ने इन सभी वालंटियर्स से एक-एक कर बात की और बिना किसी स्वार्थ के किए जा रहे उनके इस काम की खूब तारीफ की।
इस खास मुलाकात में कुलदीप, संग्राम, राजनंदनी, मल्हा, शिवम, विनोद, रामलखन, लालाराम, दौलतराम और सतीश सहित कई स्थानीय आदिवासी चीता मित्र शामिल रहे। कार्यक्रम में वन विभाग के प्रमुख सचिव संदीप यादव, पीसीसीएफ शुभरंजन सेन और कलेक्टर शीला दाहिमा सहित प्रशासन व पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
प्रोजेक्ट चीता: साढ़े तीन साल में बढ़ी आबादी
भारत में चीतों को दोबारा बसाने के इस ऐतिहासिक प्रोजेक्ट को शुरू हुए साढ़े तीन साल से अधिक का समय हो चुका है। नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और बोत्सवाना से लाए गए चीतों के बाद अब देश में इनकी कुल संख्या 52 हो गई है।
कूनो नेशनल पार्क: 49 चीते
गांधी सागर अभ्यारण्य (मंदसौर): 03 चीते
भारत में जन्मे शावक: 32 (जो इस प्रोजेक्ट की बड़ी सफलता को दर्शाता है)
ग्वालियर के लिए हुईं रवाना
चीता मित्रों से मुलाकात और कूनो का दौरा पूरा करने के बाद राष्ट्रपति मुर्मु हेलीकॉप्टर से ग्वालियर के लिए रवाना हो गईं। हेलीपैड पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल, प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला और सांसद शिवमंगल सिंह तोमर सहित कई जनप्रतिनिधियों ने उन्हें ससम्मान विदाई दी।
















