नकटी अतिक्रमण मामले में अपनी ही सरकार पर बरसे बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल, बोले– “अधिकारियों के उत्साह ने खराब की छवि”

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास नकटी गांव में हुई बुलडोजर कार्रवाई पर अब सत्तापक्ष के भीतर से ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। विपक्ष के चौतरफा हमलों के बीच, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने अपनी ही सरकार के प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी तरह गलत ठहराते हुए कहा कि मानसून के इस मौसम में घरों को तोड़ना बेहद असंवेदनशील फैसला था। सांसद के मुताबिक, कुछ “अति-उत्साही” अफसरों की मनमानी के कारण राज्य सरकार की छवि धूमिल हुई है।
चिट्ठी का नहीं मिला जवाब, कार्रवाई से पहले दिया था आश्वासन
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुलासा किया कि उन्होंने इस संवेदनशील विषय को लेकर कैबिनेट मंत्री ओपी चौधरी को पत्र भी लिखा था, लेकिन फिलहाल उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।
गौरतलब है कि प्रशासनिक कार्रवाई से ठीक एक दिन पहले नकटी के ग्रामीणों ने सांसद अग्रवाल से मुलाकात कर गुहार लगाई थी। उस वक्त सांसद ने उन्हें आश्वस्त किया था कि बारिश के दिनों में किसी का आशियाना नहीं उजाड़ा जाएगा और प्रशासन के साथ मिलकर बीच का रास्ता निकाला जाएगा। इसके बावजूद, अगले ही दिन बुलडोजर चला दिया गया।
क्या है पूरा मामला?
कार्रवाई की तारीख: 29 जून
असर: रायपुर जिला प्रशासन ने नकटी गांव में कथित अवैध कब्जे हटाते हुए लगभग 80 मकानों को मलबे में तब्दील कर दिया।
मौजूदा स्थिति: इस कार्रवाई के बाद से कई पीड़ित परिवार इस मानसूनी सीजन में बेघर होकर खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
जहाँ एक तरफ जिला प्रशासन का दावा है कि सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने के लिए यह कदम पूरी तरह नियमों के तहत उठाया गया था, वहीं मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस इस मुद्दे पर लगातार सरकार को घेर रही है। अब बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल के इस तीखे बयान के बाद इस पूरे घटनाक्रम ने एक नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है।
















