तकनीकी प्रगति के साथ नैतिक मूल्यों का मेल जरूरी : राज्यपाल रमेन डेका ने किया रोबोटिक्स लैब का उद्घाटन

रायपुर। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने भारत सेवाश्रम संघ द्वारा संचालित प्रणवानंद अकादमी में एक नई रोबोटिक्स लैबोरेट्री का विधिपूर्वक उद्घाटन किया। इस आधुनिक लैब के निर्माण के लिए राशि राज्यपाल के स्वेच्छानुदान मद से स्वीकृत की गई थी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकें बेशक इंसान के जीवन को सरल बनाती हैं, लेकिन इनका असली महत्व तभी है जब इनका इस्तेमाल समाज की भलाई और मानवीय कल्याण के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि इंसानों को तकनीक पर अपना नियंत्रण रखना चाहिए, न कि तकनीक के गुलाम बनना चाहिए।
राज्यपाल डेका ने शिक्षा व्यवस्था पर अपने विचार साझा करते हुए कहा: “किसी भी स्कूल या संस्थान की असली पहचान सिर्फ उसके अच्छे परीक्षा परिणामों से नहीं, बल्कि इस बात से होती है कि वह समाज को कितने संवेदनशील, अनुशासित और नैतिक मूल्यों वाले नागरिक दे रहा है।”
उन्होंने प्रणवानंद अकादमी की सराहना की कि यह संस्थान किताबी ज्ञान के साथ-साथ बच्चों के चरित्र निर्माण और संस्कारों पर भी बराबर ध्यान दे रहा है।
छात्रों को जीवन में सफलता का मंत्र देते हुए राज्यपाल ने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आना आम बात है, लेकिन असफलताओं से सीखकर दोबारा खड़े होना ही असली कामयाबी है। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच, कड़ी मेहनत और संतोष की भावना के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि हमें हमेशा यह सोचना चाहिए कि हम समाज को वापस क्या दे सकते हैं।
इस गरिमामयी समारोह की शुरुआत अकादमी के अध्यक्ष स्वामी शिवरूपानंद के स्वागत भाषण से हुई, जबकि कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य श्रीमती नीति यदुवंशी ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस दौरान संस्थान के तमाम पदाधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
















