पीएम सूर्य घर योजना से दुर्ग के संतोष मेहता बने ऊर्जा-आत्मनिर्भर, भारी बिजली बिलों से पाई हमेशा के लिए मुक्ति

रायपुर। देश भर में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ अब आम नागरिकों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अगुवाई में इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य में सौर ऊर्जा का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
इस बदलाव की एक प्रत्यक्ष मिसाल दुर्ग शहर के गिरधारी नगर (वार्ड-9) निवासी संतोष मेहता हैं। संतोष ने अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर सिस्टम इंस्टॉल कराया है, जिससे उन्हें हर महीने भारी-भरकम बिजली बिलों से हमेशा के लिए निजात मिल गई है।
केन्द्र व राज्य सरकार से मिली ₹1.08 लाख की मदद
संतोष मेहता के अनुसार, पहले खासकर गर्मियों के दिनों में बिजली की ज्यादा खपत के कारण उनका बजट बिगड़ जाता था। योजना की जानकारी मिलने पर उन्होंने आवेदन किया और सोलर प्लांट लगाया। इस पूरे सेटअप के लिए उन्हें केंद्र सरकार से ₹78,000 और छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की ओर से ₹30,000, यानी कुल ₹1,08,000 की वित्तीय सब्सिडी प्राप्त हुई। इस आर्थिक सहायता की वजह से उनके लिए सोलर पैनल लगवाना काफी आसान और किफ़ायती साबित हुआ।
स्वयं की जरूरत पूरी, अब ग्रिड को बेचेंगे बची हुई बिजली
सोलर सिस्टम लगने के बाद से उनके घर की अधिकांश बिजली आवश्यकताएं सौर ऊर्जा से ही पूरी हो रही हैं। सबसे खास बात यह है कि उपयोग से ज्यादा उत्पन्न हो रही अतिरिक्त बिजली को नेट मीटरिंग सिस्टम के जरिए सीधे विद्युत वितरण कंपनी के ग्रिड में भेजा जा रहा है। इससे उन्हें भविष्य में अतिरिक्त आय भी हासिल होगी।
बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में योगदान
संतोष मेहता का कहना है कि इस योजना ने उन्हें आर्थिक राहत तो दी ही है, साथ ही पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी दिया है। उन्होंने अन्य नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपनी खाली छतों का सही उपयोग करें और सरकार द्वारा दी जा रही आकर्षक सब्सिडी का लाभ उठाकर सौर ऊर्जा को अपनाएं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना आज छत्तीसगढ़ के हजारों परिवारों को न सिर्फ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि स्वच्छ और हरित भारत के सपने को भी साकार कर रही है।
















