सिंगापुर में दक्षिण एशियाई-विरोधी टिप्पणियों पर सख्त रुख : पीएम लॉरेंस वोंग ने दी चेतावनी, पुलिस जांच शुरू

नई दिल्ली (एजेंसी)। नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और एयर इंडिया में सिंगापुर एयरलाइंस (SIA) के वित्तीय निवेश को लेकर इंटरनेट पर जारी नस्लीय व विदेशी-विरोधी बयानों पर सिंगापुर सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। देश के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग और गृह मंत्री के. षणमुगम ने ऐसी नफरत फैलाने वाली गतिविधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सिंगापुर नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट पर किसी भी समुदाय के विरुद्ध भेदभावपूर्ण या अपमानजनक टिप्पणियों को सामान्य बात मानकर नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यदि इस तरह की मानसिकता पर रोक नहीं लगाई गई, तो यह बहुसांस्कृतिक समाज के ताने-बाने को नुकसान पहुंचा सकती है।
मामले के प्रमुख बिंदु:
जांच के आदेश: गृह मंत्री के. षणमुगम ने सिंगापुर पुलिस को नफरत फैलाने वाली पोस्ट्स की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, सूचना मंत्रालय को नियम उल्लंघन करने वाली सामग्रियों को सोशल मीडिया से हटवाने के लिए कहा गया है।
विवाद की वजह: अगस्त के अंत में नेपाल में आई बाढ़ के बाद लापता नौ सिंगापुरी नागरिकों से जुड़ी खबरों और एयर इंडिया में करीब 1.5 अरब डॉलर के निवेश की चर्चाओं के दौरान भारतीय मूल के लोगों को निशाना बनाकर टिप्पणियां की गईं।
सामूहिक एकता पर जोर: प्रधानमंत्री वोंग ने कहा कि वैचारिक मतभेद या बहस होना एक बात है, लेकिन इसकी आड़ में किसी वर्ग के खिलाफ द्वेष पैदा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
कड़े कदम: स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए सिंगापुर के प्रमुख समाचार नेटवर्क CNA ने अपने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अनुचित कमेंट्स हटाने के साथ-साथ आपदा से संबंधित कुछ पोस्ट्स पर टिप्पणी की सुविधा बंद कर दी है।
पूर्व प्रधानमंत्री ली सियन लूंग ने भी नागरिकों से एकजुटता बनाए रखने और हर प्रकार के जातीय या नस्लीय पूर्वाग्रह को खारिज करने की अपील की है।
















