बिजली के उपभोक्ता से ‘ऊर्जा निर्माता’ बने सूरजपुर के यश अग्रवाल, पीएम सूर्य घर योजना से घट कर शून्य के करीब पहुंचा बिजली बिल

सूरजपुर। पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से शुरू की गई ‘पीएम सूर्य घर – मुफ्त बिजली योजना’ अब आम जनता के जीवन में बड़ा वित्तीय और व्यावहारिक बदलाव ला रही है। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहाँ भैयाथान रोड निवासी श्री यश अग्रवाल ने इस योजना को अपनाकर न केवल अपने बिजली बिल से राहत पाई है, बल्कि खुद ऊर्जा उत्पादक बनकर दूसरों के लिए भी नज़ीर पेश की है।
₹1.08 लाख का मिला अनुदान
यश अग्रवाल ने अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता वाला सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित करवाया है। इस संयंत्र को लगाने में केंद्र और राज्य सरकार, दोनों से उन्हें बड़ा वित्तीय सहयोग मिला:
केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी: ₹78,000
राज्य सरकार का अतिरिक्त अनुदान: ₹30,000
कुल प्राप्त छूट: ₹1,08,000
₹6,000 मासिक बिल से मिली बड़ी राहत
योजना का लाभ लेने से पहले यश अग्रवाल के घर का औसतन हर महीने लगभग ₹6,000 बिजली बिल आता था। सोलर पैनल लगने के बाद उनके बिजली के खर्च में भारी गिरावट आई है। अब दिनभर में बनने वाली सौर ऊर्जा से उनके घर की दैनिक जरूरतें आसानी से पूरी हो जाती हैं। यही नहीं, जरूरत से ज्यादा उत्पादित होने वाली अतिरिक्त बिजली को वे नेट मीटरिंग के जरिए पावर ग्रिड को भेज देते हैं।
“पहले हम केवल बिजली का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ता थे, लेकिन आज हम खुद बिजली बना रहे हैं। यह योजना आर्थिक बचत के साथ-साथ पर्यावरण को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बेहतरीन कदम है।”
— यश अग्रवाल, लाभार्थी
नागरिकों से की पर्यावरण-अनुकूल पहल की अपील
अपनी इस सफलता से उत्साहित होकर यश अग्रवाल ने सूरजपुर और आसपास के लोगों से भी अपने घरों की छतों पर सोलर प्लांट लगाने की अपील की है। उनका मानना है कि हरित और स्वच्छ ऊर्जा को अपनाकर न केवल हर महीने होने वाले भारी-भरकम बिजली खर्च को रोका जा सकता है, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए एक प्रदूषण-मुक्त और सुरक्षित वातावरण का निर्माण भी किया जा सकता है। उन्होंने इस कल्याणकारी योजना के संचालन के लिए केंद्र व राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
















