छत्तीसगढ़ में खेल क्रांति की नई पहल : रायपुर में राज्य के पहले ‘स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव’ का आगाज

रायपुर। राज्य में खेल संस्कृति को सशक्त बनाने और स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने के उद्देश्य से मंगलवार को रायपुर में प्रथम ‘स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव’ का भव्य शुभारंभ हुआ। खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री अरुण साव ने किया।
इस कॉन्क्लेव में देशभर के प्रमुख खेल प्रशासक, विशेषज्ञ, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट, दिग्गज खिलाड़ी और खेल संघों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। दिनभर चले विभिन्न सत्रों में राज्य में मजबूत खेल बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के निर्माण, नई खेल प्रतिभाओं की पहचान और खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के रोडमैप पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
प्रमुख बिंदु और मुख्य बातें:
‘विजन टू विक्ट्री’ थीम पर मंथन: कॉन्क्लेव में “नेतृत्व, खेल प्रोत्साहन और प्रतिभा खोज” जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया। खेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि विशेषज्ञों के सुझावों को जमीनी स्तर पर लागू किया जाएगा।
नई खेल नीति में शामिल होंगे सुझाव: खेल सचिव यशवंत कुमार ने स्वागत भाषण में बताया कि इस कॉन्क्लेव से निकलने वाले निष्कर्षों को राज्य की आगामी खेल नीति में स्थान दिया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में फिलहाल 150 करोड़ रुपये से अधिक की खेल संरचनाओं का विकास कार्य जारी है।
पारदर्शी व्यवस्था और मजबूत ढांचा: डिप्टी सीएम साव ने सभी जिलों में खेल संघों के पारदर्शी व सुदृढ़ संचालन तथा मौजूदा खेल परिसरों का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
खिलाड़ियों का बढ़ा उत्साह: अंतर्राष्ट्रीय फुटबॉलर और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता किरण पिस्दा ने कहा कि बस्तर व सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजनों के बाद यह कॉन्क्लेव खिलाड़ियों को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का काम करेगा।
इस अवसर पर खेल विभाग की संचालक तनुजा सलाम, पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान, ओलंपियन जिन्शन जॉनसन और छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया सहित कई खेल प्रेमी व अधिकारी उपस्थित रहे।
















