देश के कई राज्यों में कुदरत का कहर : असम में बाढ़ से 82 की जान गई, कश्मीर और गुजरात में भी बिगड़े हालात

गुवाहाटी (एजेंसी)। देश के विभिन्न हिस्सों में हो रही मूसलाधार बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। पूर्वोत्तर से लेकर उत्तर और पश्चिम भारत तक कुदरत का प्रकोप देखने को मिल रहा है। सबसे गंभीर स्थिति असम में बनी हुई है, जहाँ इस प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक 82 लोग अपनी जान गँवा चुके हैं।
असम: 5 जिलों में 2 लाख आबादी प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य के शिवसागर, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और चराइदेव जिलों के करीब 379 गाँव बाढ़ के पानी में डूबे हुए हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र: चराइदेव जिले में हालात सबसे अधिक चिंताजनक हैं।
राहत कार्य: प्रभावित लोगों की मदद के लिए 54 राहत शिविर और 26 वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। NDRF और SDRF की टीमें लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं। हालिया राहत की बात यह है कि आपदा में अब कोई भी व्यक्ति लापता नहीं बताया जा रहा है।
कश्मीर: शोपियां में बादल फटने से तबाही
उधर उत्तर में कश्मीर घाटी के ऊपरी इलाकों में बादल फटने और लगातार हो रही बारिश के कारण दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में अचानक बाढ़ (Flash Floods) आ गई। कई गाँव पानी की चपेट में आने से रिहाइशी मकानों, जमीनों और फसलों को भारी नुकसान हुआ है। SDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुँचाने और लोगों को सुरक्षित निकालने में लगी हैं।
गुजरात: जलभराव से जनजीवन ठप, दर्दनाक हादसा
गुजरात में मानसून की आफत कम होने का नाम नहीं ले रही है।
शहर जलमग्न: खेड़ा जिले के वसो इलाके में मुख्य बाज़ारों से लेकर घरों तक में पानी भर गया है।
दर्दनाक हादसा: आणंद जिले में एसपी दफ्तर के पास बारिश के पानी में बह रहे तीन बच्चों को दमकल विभाग ने बाहर तो निकाल लिया, लेकिन इलाज के दौरान प्रीतिबेन सोलंकी नाम की एक बच्ची की मौत हो गई।
मौसम विभाग ने खेड़ा सहित कई हिस्सों में आगामी दिनों में भी भारी बारिश की आशंका जताई है, जिसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।
















