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विदेशी अंशदान संशोधन कानून (FCRA) को लेकर संसद में भारी हंगामे के आसार : कांग्रेस का सांसदों को 3-दिवसीय अनिवार्य उपस्थिति का निर्देश

नई दिल्ली (एजेंसी)। संसद के मानसून सत्र के अंतिम चरण में सरकार और विपक्षी खेमे के बीच तीखी बहस और टकराव की स्थिति बनती दिख रही है। आगामी 10 अगस्त को गृह मंत्रालय द्वारा विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक पेश किए जाने की संभावना को देखते हुए विपक्षी गोलबंदी तेज हो गई है। इसी रणनीति के तहत कांग्रेस ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को 10 से 12 अगस्त के दौरान सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए तीन-लाइन का व्हिप जारी किया है।

सदन में विपक्षी गोलबंदी और नेताओं की मांग

राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में हुई बैठक के दौरान, कांग्रेस ने सहयोगी दलों से भी अपने सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) एवं समाजवादी पार्टी (SP): TMC ने अपने सांसदों को सोमवार से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। वहीं SP ने स्पष्ट किया है कि वह साझा विपक्षी रुख का समर्थन करेगी और आवश्यकता पड़ने पर औपचारिक व्हिप भी जारी कर सकती है।

गृह मंत्री की उपस्थिति का मुद्दा: 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुए घटनाक्रम पर विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह से वक्तव्य की मांग कर रहा है। कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर का आरोप है कि गृह मंत्री बीते कई दिनों से सदन से अनुपस्थित हैं और सरकार अन्य मुद्दों के जरिए मूल विषयों से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।

FCRA विधेयक पर विवाद एवं सरकारी रुख

प्रस्तावित FCRA संशोधनों में उन संपत्तियों के प्रबंधन से जुड़े प्रावधानों को लेकर चिंता जताई जा रही थी, जिनका पंजीकरण समाप्त हो चुका है। विशेषकर चर्चों और ईसाई धर्मार्थ संस्थानों ने इस बात पर आपत्ति व्यक्त की थी कि सरकारी प्राधिकरणों को पिछली तारीखों से (रेट्रोस्पेक्टिव) अधिकार दिए जा सकते हैं।

मिजोरम के मुख्यमंत्री का हस्तक्षेप: मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने गृह मंत्री से मुलाकात कर इस विषय पर ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री के अनुसार, गृह मंत्री ने स्पष्ट आश्वासन दिया है कि 12 अगस्त को पेश होने वाले इस विधेयक में कोई भी पूर्वव्यापी (रेट्रोस्पेक्टिव) दंडात्मक प्रावधान शामिल नहीं होगा।

संसदीय कार्यवाही की स्थिति: राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को गृह मंत्री की सदन में उपस्थिति के संबंध में विपक्षी मांगों से अवगत कराने का निर्देश दिया है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार, 13 अगस्त को समाप्त हो रहे इस सत्र की अवधि को आगे बढ़ाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। ऐसे में सत्र के अंतिम तीन दिन (10-12 अगस्त) FCRA बिल, परिसीमन और अन्य नीतिगत विषयों पर तीखी राजनीतिक बहस के गवाह बन सकते हैं।

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