पेट्रोल-डीजल की कीमतें और E20 ब्लेंडिंग मुद्दा : केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का स्पष्टीकरण

नई दिल्ली (एजेंसी)। वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों के दामों में हालिया कमी के बाद आम जनता पेट्रोल और ईंधन दरों में राहत की उम्मीद लगा रही है। इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा है कि पिछले चार वर्षों में वैश्विक बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में ईंधन की दरें स्थिर बनी रही हैं। हालांकि, उन्होंने कीमतों में भावी कटौती के लिए किसी निश्चित समय-सीमा का उल्लेख नहीं किया।
वैश्विक तुलना में भारत में सीमित मूल्य वृद्धि
केंद्रीय मंत्री के अनुसार, बीते चार वर्षों में जहां फ्रांस और जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों में पेट्रोलियम उत्पादों के दाम लगभग 24% बढ़े, वहीं पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे पड़ोसी राज्यों में यह वृद्धि 40% तक दर्ज की गई। इसके विपरीत, भारत में पेट्रोल और डीजल के दामों में केवल 4% के आसपास ही बढ़ोतरी हुई है।
एक्साइज ड्यूटी में कटौती से मिली राहत
हरदीप सिंह पुरी ने घरेलू बाजार में ईंधन की स्थिर कीमतों का मुख्य कारण केंद्र सरकार द्वारा समय-समय पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) में की गई कटौती को बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नवंबर 2021, अप्रैल 2024 और मार्च 2026 में लागू की गई शुल्क कटौतियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई अस्थिरता के प्रभाव को कम करने में सहायता की।
E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग और ईंधन गुणवत्ता पर रुख
पेट्रोल में 20% एथेनॉल के मिश्रण (E20) से जुड़े विवाद पर मंत्री ने कहा कि इस विषय पर बेवजह की भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं।
जांच और निगरानी: देश में रोजाना लगभग 6 से 7 करोड़ लोग ईंधन खरीदते हैं। सरकार और तेल कंपनियां प्रतिदिन 2,000 से अधिक पेट्रोल पंपों का निरीक्षण कर रही हैं।
मिलावट के आंकड़े: अब तक कुल 1.07 लाख ईंधन स्टेशनों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से केवल चार स्थानों पर अनियमितता पाई गई।
जैव ईंधन (बायोफ्यूल) पर सरकार की प्राथमिकता
मंत्रालय के अनुसार, देश में जैव ईंधन सम्मिश्रण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। सरकार का मुख्य ध्यान वैकल्पिक ईंधन स्रोतों को बढ़ावा देने और कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटाने पर केंद्रित है।
















