जम्मू-कश्मीर आतंकी हमला : दिवंगत मजदूर भूपेंद्र की पत्नी ने सरकार से मांगी नौकरी और बच्चे के लिए आर्थिक सहायता

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए हालिया आतंकवादी हमले में जान गंवाने वाले छत्तीसगढ़ के प्रवासी श्रमिक भूपेंद्र भैना के परिजनों ने राज्य सरकार से मदद की गुहार लगाई है। मृतक की पत्नी कचरा बाई भैना ने अपने तीन साल के मासूम बेटे के पालन-पोषण और शिक्षा के लिए सहायता राशि के साथ-साथ परिवार के जीवन-यापन के लिए अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग की है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव का रहने वाला भूपेंद्र रोजगार के सिलसिले में जम्मू-कश्मीर गया था। कुलगाम स्थित एक ईंट-भट्ठे पर आतंकवादियों ने नागरिकों को निशाना बनाकर गोलीबारी की, जिसमें भूपेंद्र और सक्ती जिले के बुदेला निवासी दीपक रात्रे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
पीड़ित पत्नी ने बयां की उस दिन की भयावहता
घटना का विवरण देते हुए कचरा बाई ने बताया कि एक हथियारबंद हमलावर उनके अस्थाई निवास पर आया। उसने वहां मौजूद लोगों की जानकारी ली और फिर भूपेंद्र तथा दीपक को बाहर बुलाया। नाम और मूल निवासी स्थान की पुष्टि करने के बाद आतंकी ने उन पर गोलियां चला दीं।
फायरिंग में दीपक रात्रे ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र को साथी मजदूरों और भट्टा मालिक के सहयोग से पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी भी मृत्यु हो गई।
भविष्य की चिंता को लेकर शासन से सहारा की उम्मीद
कचरा बाई के अनुसार, पति की असमय मौत से पूरे परिवार पर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि उनके सामने बच्चे की परवरिश और दैनिक जरूरतों को पूरा करना बेहद मुश्किल हो गया है। पीड़ित परिवार ने प्रदेश सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द से जल्द उचित राहत और रोजगार उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
















