संसद का मॉनसून सत्र समाप्त : लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, राज्यसभा में तीखी बहस

नई दिल्ली (एजेंसी)। संसदीय मॉनसून सत्र के अंतिम दिन संसद परिसर से लेकर दोनों सदनों तक भारी गहमागहमी और विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। गतिरोध और शोर-शराबे के बीच लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया, जबकि राज्यसभा में भी विपक्षी दलों के कड़े रुख के कारण हंगामा जारी रहा।
विपक्ष के आचरण पर संसदीय कार्य मंत्री का प्रहार
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्षी सांसदों के रवैये पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि अपने तीन दशकों के संसदीय अनुभव में उन्होंने ऐसा गैर-जिम्मेदार विपक्ष नहीं देखा। रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल जनकल्याणकारी एवं गंभीर विषयों पर संवाद से बच रहे हैं और केवल तख्तियां दिखाकर नारेबाजी करने तक सीमित हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार नीट (NEET) परीक्षा तथा छात्र आंदोलनों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर तत्काल चर्चा के लिए पूरी तरह तत्पर है। जब गृह मंत्री स्वयं हर प्रश्न का उत्तर देने को तैयार हैं, तब विपक्ष का बहस से पीछे हटना समझ से परे है।
राज्यसभा में हल्द्वानी घटनाक्रम पर गर्माया माहौल
उच्च सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ का विषय उठाया, जो 8 अगस्त को हुई कांग्रेस अध्यक्ष की जनसभा के उपरांत आयोजित किया गया था। खरगे ने इसे छुआछूत की मानसिकता से जुड़ा कृत्य बताते हुए भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाए और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
सदन के नेता जेपी नड्डा ने इस प्रकरण की निंदा करते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया, साथ ही विपक्ष से इस संवेदनशील विषय का राजनीतिकरण न करने का आग्रह किया। पीठ से सभापति राधाकृष्णन ने टिप्पणी की कि समाज में अस्पृश्यता के लिए कोई स्थान नहीं है और यह एक अपराध है। उन्होंने मामले की जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
















