छत्तीसगढ़

बकायेदार सरकारी दफ्तरों पर पावर कंपनी का कड़ा रुख : रायपुर में 441 विभागों को नोटिस, धमतरी में कटने लगे कनेक्शन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्य पावर कंपनी ने वर्षों से बकाया बिजली बिल जमा न करने वाले सरकारी दफ्तरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य बनने के बाद पहली बार कंपनी बकाया वसूलने के लिए सरकारी कार्यालयों के बिजली कनेक्शन काटने जा रही है। इसकी शुरुआत धमतरी के रजिस्ट्री कार्यालय का कनेक्शन काटकर कर दी गई है। प्रदेशभर के 71 संभागों में ऐसे विभागों की सूची तैयार की जा रही है, जिनकी बिजली कटने से आम जनता की दैनिक सुविधाओं पर सीधा असर न पड़े।

रायपुर में 441 दफ्तरों को अल्टीमेटम

राजधानी रायपुर के 3,000 से अधिक सरकारी कनेक्शनों में से 441 बकायेदारों को नोटिस थमाए गए हैं। इनमें सर्किल-1 के 322 और सर्किल-2 के 119 कार्यालय शामिल हैं।

जनहित को ध्यान में रखते हुए फिलहाल कुछ अति-आवश्यक सेवाओं को इस अभियान से बाहर रखा गया है:

पेयजल सप्लाई (पंप हाउस)

स्ट्रीट लाइट्स

शासकीय अस्पताल व स्कूल

पुलिस थाने व ट्रैफिक सिग्नल

वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर का कहना है कि आम जनता को असुविधा पहुंचाए बिना केवल गैर-जरूरी या प्रशासनिक दफ्तरों के कनेक्शन काटे जाएंगे। हालांकि, अगर आवश्यक सेवाओं वाले विभागों ने भी लंबा बकाया जमा नहीं किया, तो आगे उन पर भी फैसला लिया जा सकता है।

बकाया राशि ₹3,500 करोड़ के पार

विभागों को हर साल बिजली बिल के लिए अलग से बजट आवंटन मिलने के बावजूद भुगतान न करने से बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है:

कुल बकाया: मार्च 2026 तक यह आंकड़ा ₹2,900 करोड़ था, जो पिछले 5 महीनों में बढ़कर ₹3,500 करोड़ के पार पहुंच गया है।

सत्र 2025-26 की स्थिति: विभागों ने कुल ₹1,252 करोड़ की बिजली की खपत की, जिसके मुकाबले केवल ₹814 करोड़ का ही भुगतान हुआ और ₹438 करोड़ का नया बकाया जुड़ गया।

प्रमुख बकायेदार विभाग (मार्च 2026 तक के आंकड़े)

बकायेदार सरकारी दफ्तरों पर पावर कंपनी का कड़ा रुख: रायपुर में 441 विभागों को नोटिस, धमतरी में कटने लगे कनेक्शन

छत्तीसगढ़ में राज्य पावर कंपनी ने वर्षों से बकाया बिजली बिल जमा न करने वाले सरकारी दफ्तरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य बनने के बाद पहली बार कंपनी बकाया वसूलने के लिए सरकारी कार्यालयों के बिजली कनेक्शन काटने जा रही है। इसकी शुरुआत धमतरी के रजिस्ट्री कार्यालय का कनेक्शन काटकर कर दी गई है। प्रदेशभर के 71 संभागों में ऐसे विभागों की सूची तैयार की जा रही है, जिनकी बिजली कटने से आम जनता की दैनिक सुविधाओं पर सीधा असर न पड़े।

रायपुर में 441 दफ्तरों को अल्टीमेटम

राजधानी रायपुर के 3,000 से अधिक सरकारी कनेक्शनों में से 441 बकायेदारों को नोटिस थमाए गए हैं। इनमें सर्किल-1 के 322 और सर्किल-2 के 119 कार्यालय शामिल हैं।

जनहित को ध्यान में रखते हुए फिलहाल कुछ अति-आवश्यक सेवाओं को इस अभियान से बाहर रखा गया है:

पेयजल सप्लाई (पंप हाउस)

स्ट्रीट लाइट्स

शासकीय अस्पताल व स्कूल

पुलिस थाने व ट्रैफिक सिग्नल

वितरण कंपनी के एमडी भीम सिंह कंवर का कहना है कि आम जनता को असुविधा पहुंचाए बिना केवल गैर-जरूरी या प्रशासनिक दफ्तरों के कनेक्शन काटे जाएंगे। हालांकि, अगर आवश्यक सेवाओं वाले विभागों ने भी लंबा बकाया जमा नहीं किया, तो आगे उन पर भी फैसला लिया जा सकता है।

बकाया राशि ₹3,500 करोड़ के पार

विभागों को हर साल बिजली बिल के लिए अलग से बजट आवंटन मिलने के बावजूद भुगतान न करने से बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है:

कुल बकाया: मार्च 2026 तक यह आंकड़ा ₹2,900 करोड़ था, जो पिछले 5 महीनों में बढ़कर ₹3,500 करोड़ के पार पहुंच गया है।

सत्र 2025-26 की स्थिति: विभागों ने कुल ₹1,252 करोड़ की बिजली की खपत की, जिसके मुकाबले केवल ₹814 करोड़ का ही भुगतान हुआ और ₹438 करोड़ का नया बकाया जुड़ गया।

प्रमुख बकायेदार विभाग (मार्च 2026 तक के आंकड़े)

पावर कंपनी का साफ संदेश है कि बजट उपलब्ध होने के बावजूद लापरवाही बरतने वाले विभागों पर बिजली कटौती का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।

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