ट्रंप का लेबर डे संदेश : H-1B वीजा याचिका पर नया शुल्क लगाने का समर्थन

वाशिंगटन (एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने मजदूर दिवस (लेबर डे) घोषणापत्र में H-1B वीजा याचिकाओं पर एक नए शुल्क के प्रस्ताव की वकालत की है। उनका कहना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य अमेरिकी कंपनियों को विदेशी प्रतिभाओं की जगह पहले स्थानीय अमेरिकी कर्मचारियों में निवेश करने और उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए प्रेरित करना है। इस कदम से विनिर्माण, व्यापार, टैरिफ और स्थानीय नौकरियों के संरक्षण से जुड़े उनके आर्थिक एजेंडे में अब H-1B वीजा का मुद्दा भी प्रमुखता से शामिल हो गया है।
भारतीय पेशेवरों पर प्रभाव और DHS का प्रस्ताव
अमेरिका की प्रौद्योगिकी कंपनियां और अन्य नियोक्ता बड़ी संख्या में कुशल विदेशी पेशेवरों को नियुक्त करने के लिए H-1B प्रोग्राम पर निर्भर रहते हैं। चूंकि इस वीजा का सबसे बड़ा लाभ भारतीय नागरिकों को मिलता रहा है, इसलिए इस नियम में होने वाले किसी भी बदलाव का असर भारत और अमेरिकी-भारतीय पेशेवरों पर सीधा पड़ेगा।
प्रस्तावित राशि: होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) ने हाल ही में वार्षिक सीमा के तहत आने वाली सभी H-1B याचिकाओं पर $1,03,265 का नया शुल्क लगाने की सिफारिश की है।
अतिरिक्त लागत: यह शुल्क आवेदन जमा करते समय ही देना होगा और यह मौजूदा इमिग्रेशन शुल्कों के अतिरिक्त रहेगा।
सरकारी तर्क: प्रशासन के अनुसार, इस नए शुल्क का उपयोग कानूनी आप्रवासन प्रणाली (इमिग्रेशन सिस्टम) के संचालन में आने वाली प्रशासनिक लागतों को पूरा करने में किया जाएगा।
डोनाल्ड ट्रंप ने H-1B से जुड़े इस नए प्रस्ताव को अपनी उस व्यापक आर्थिक रणनीति का हिस्सा बताया है, जिसका मुख्य लक्ष्य अमेरिकी कार्यबल को प्राथमिकता देना है।
















