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ट्रंप और शी जिनपिंग की आगामी बैठक : कृत्रिम बुद्धिमत्ता, व्यापार और दुर्लभ खनिजों पर रहेगी मुख्य चर्चा

वाशिंगटन (एजेंसी)। आगामी सप्ताह आयोजित होने वाली उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), द्विपक्षीय व्यापार और रेयर अर्थ (दुर्लभ खनिज) की आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। अमेरिकी प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति के संदर्भ में निर्यात नियमों में ढील देने जैसा कोई नया समझौता नहीं किया जाएगा, क्योंकि चीन पहले ही इस संदर्भ में प्रतिबद्धता जता चुका है।

यह महत्वपूर्ण बैठक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में राष्ट्रपति ट्रंप के संबोधन के ठीक बाद आयोजित की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ट्रंप अपने UNGA भाषण के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम, गाजा की स्थिति और अपनी सरकार की वैश्विक कूटनीतिक प्राथमिकताओं को रेखांकित करेंगे।

दोनों शीर्ष नेताओं के वार्ता एजेंडे में एआई और मौजूदा व्यापार समझौतों (जिन्हें ‘बुसान ट्रूस’ के रूप में जाना जाता है) की समीक्षा शामिल है। हालांकि, अधिकारियों ने किसी निश्चित समझौते का पूर्वाभ्यास करने से इनकार किया है। दुर्लभ खनिजों की आपूर्ति पर अमेरिका का मानना है कि चीन को वैश्विक और अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए की गई अपनी पिछली प्रतिबद्धताओं का पूरी तरह पालन करना चाहिए, क्योंकि अब तक का उनका रवैया अमेरिकी अपेक्षाओं के अनुरूप नहीं रहा है।

इसके अतिरिक्त, अमेरिकी प्रशासन ने गैर-संवेदनशील और गैर-रणनीतिक श्रेणियों की कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर सीमा शुल्क (टैरिफ) में संभावित ढील पर विचार किया है, हालांकि विशिष्ट उत्पादों का विवरण साझा नहीं किया गया। अमेरिकी ऑटोमोबाइल क्षेत्र में चीनी निवेश की संभावनाओं पर अधिकारियों ने रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी नीतियों पर कोई समझौता नहीं होगा और सभी निवेशों को अमेरिकी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।

वार्ता में फेंटेनाइल के कच्चे रसायनों की तस्करी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठेगा। अमेरिका का आरोप है कि चीनी इकाइयां अब भी मैक्सिकन ड्रग कार्टेल्स को इन रसायनों की मुख्य आपूर्तिकर्ता बनी हुई हैं। यद्यपि हाल ही में कुछ गिरफ्तारियां हुई हैं, लेकिन वाशिंगटन इस दिशा में अधिक कड़े और संस्थागत बदलावों की मांग कर रहा है।

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