टॉप न्यूज़

अमेरिका अगर नाकाबंदी हटाए तो हफ्तेभर में खुल सकता है होर्मुज जलडमरूमध्य : ईरान

न्यूयॉर्क (एजेंसी)। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं। ईरान के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार, यदि अमेरिकी प्रशासन सैन्य दबाव कम करने के साथ-साथ ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नाकाबंदी हटा लेता है, तो ईरान महज 7 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए तैयार है। यह प्रस्ताव मध्यस्थों के जरिए वॉशिंगटन तक पहुंचा दिया गया है।

ईरान की प्रमुख शर्तें

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ के बीच हुई बातचीत में तेहरान ने अपनी मांगें स्पष्ट रूप से रखी हैं:

अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को तुरंत समाप्त किया जाए।

विदेश में फ्रीज की गई ईरानी वित्तीय संपत्तियों को बहाल किया जाए।

क्षेत्र में जारी सभी सैन्य संघर्षों को विराम दिया जाए।

न्यूयॉर्क पहुंचे ईरानी प्रतिनिधिमंडल को इस मुद्दे पर आगे की बातचीत करने के अधिकार दिए गए हैं।

खाड़ी देशों की मध्यस्थता की पहल

होर्मुज मार्ग को सुरक्षित करने और कूटनीतिक समाधान निकालने के लिए क्षेत्रीय देश भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं:

कतर और पाकिस्तान: दोनों देश मिलकर तेहरान और वॉशिंगटन को वार्ता की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं।

अन्य देशों का समर्थन: सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की ने भी शांतिपूर्ण कूटनीति का समर्थन किया है।

कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने ईरानी विदेश मंत्री से मुलाकात की, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी खाड़ी देशों के नेताओं के साथ बैठक कर संकेत दिया कि अमेरिका वार्ता के लिए तैयार है।

बातचीत के बावजूद बना हुआ है सैन्य दबाव

कूटनीतिक प्रयासों के बीच दोनों पक्षों की ओर से सख्त रुख भी बरकरार है। यूएन में संबोधन के दौरान ट्रंप ने ईरान पर कड़ा रुख अपनाने की बात कही, वहीं ईरानी संसद के डिप्टी स्पीकर अली निकजाद ने स्पष्ट किया कि ईरान होर्मुज के मुद्दे पर अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेगा।

फिलहाल, वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना अब पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका ईरान की शर्तों को किस हद तक स्वीकार करता है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button