‘विकसित भारत’ की दिशा में नया अध्याय : मध्यप्रदेश में दो अंकों की विकास दर, निवेश और रोजगार का दौर हुआ तेज

भोपाल (एजेंसी)। राजधानी भोपाल में आयोजित एक विशेष मीडिया कॉन्क्लेव ‘विकसित भारत – बढ़ता मध्यप्रदेश’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के तेजी से बदलते आर्थिक परिदृश्य का ब्योरा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्यप्रदेश अब दो अंकों (टू-डिजिट) की विकास दर के साथ प्रगति के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है, जहाँ बेरोजगारी दर न्यूनतम स्तर पर आ गई है।
निवेश में अग्रणी और औद्योगिक नीतियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई 25 उद्योग-अनुकूल एवं पारदर्शी नीतियों के कारण भारी मात्रा में निवेशक आकर्षित हो रहे हैं।
आमतौर पर कुल निवेश प्रस्तावों का केवल 10% ही धरातल पर उतरता है, लेकिन मध्यप्रदेश में पिछले ढाई वर्षों में 30% निवेश वास्तविक रूप से जमीन पर लागू हो चुका है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS) में प्राप्त 30 लाख करोड़ रुपये के प्रस्तावों में से 11 लाख करोड़ रुपये से अधिक का काम शुरू हो चुका है।
सरकार रोजगार देने वाले उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए कर्मचारियों के वेतन में 5,000 रुपये प्रति माह का वीजीएफ (VGF) योगदान भी दे रही है।
प्रति व्यक्ति आय और दीर्घकालिक दृष्टिकोण
प्रदेश की आर्थिक उन्नति के आँकड़े साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2002-03 में जहाँ राज्य की प्रति व्यक्ति आय महज 11 हजार रुपये थी, वह अब बढ़कर 1 लाख 57 हजार रुपये तक पहुँच चुकी है। सरकार ने अमृतकाल के तहत वर्ष 2047 तक इसे 22 लाख 50 हजार रुपये तक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया है।
जल संसाधन, बुनियादी ढांचा और नक्सल उन्मूलन
मध्यप्रदेश की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
जल विवादों का समाधान: ‘केन-बेतवा लिंक’ (देश की पहली राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना) से बुंदेलखंड क्षेत्र को और ‘पार्वती-कालीसिंध-चंबल’ (PKC) परियोजना से मालवा व राजस्थान के क्षेत्रों को भरपूर पानी मिलेगा।
सुरक्षा व्यवस्था: केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
सड़क एवं परिवहन: 5 लाख किलोमीटर के विशाल सड़क नेटवर्क के साथ, 25 सितंबर (पंडित दीनदयाल जयंती) से ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा’ की शुरुआत की जा रही है।
सड़क मरम्मत व्यवस्था: लोक निर्माण विभाग ने एक नया ऐप तैयार किया है, जिसके माध्यम से सड़कों के गड्ढों की फोटो अपलोड होते ही त्वरित मरम्मत की जाएगी।
रोजगार और जन-कल्याण
शासकीय एवं निजी क्षेत्र में अवसर: राज्य सरकार प्रतिवर्ष 1 लाख सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी रखे हुए है, जबकि एमएसएमई (MSME) क्षेत्र से 1.20 करोड़ लोग जुड़े हैं।
लाड़ली बहना योजना: इस योजना के तहत अब तक महिलाओं के खातों में 55,000 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए जा चुके हैं।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार: स्कूल शिक्षा का बजट बढ़ाकर 38,000 करोड़ रुपये किया गया है। जर्जर भवनों के पुनरुद्धार के लिए बजट आवंटित कर दिया गया है, ताकि आगामी दो वर्षों में कोई भी स्कूल खराब स्थिति में न रहे।
धार्मिक पर्यटन का विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि ‘श्रीमहाकाल लोक’ के निर्माण के बाद उज्जैन में तीर्थयात्रियों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2022 में जहाँ 60 लाख श्रद्धालु आते थे, वहीं इस वर्ष यह संख्या 12 करोड़ तक पहुँचने का अनुमान है। वर्ष 2028 में आयोजित होने वाले ‘सिंहस्थ कुंभ’ के लिए 30 से 40 करोड़ श्रद्धालुओं के स्वागत हेतु कनेक्टिविटी और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जा रहा है।
सामाजिक संदेश देते हुए उन्होंने अंत में कहा कि उन्होंने स्वयं अपने पुत्रों का विवाह सामूहिक विवाह सम्मेलन में संपन्न कराया, ताकि समाज में फिजूलखर्ची को रोका जा सके और सादगी का संदेश दिया जा सके।
















