छत्तीसगढ़ी स्वाद और आत्मीयता का संगम : मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं के साथ साझा किया टिफिन

रायपुर। रायपुर में ‘मन की बात’ कार्यक्रम के समापन के बाद भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक विशेष टिफिन मीटिंग का आयोजन किया गया। इस बैठक की सबसे खास बात मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का सहज अंदाज रहा, जिन्होंने न केवल कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर भोजन किया, बल्कि अपने टिफिन से छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध भजिया और पताल (टमाटर) की चटनी भी उन्हें बड़े प्रेम से परोसी।
पारंपरिक व्यंजनों से सजी एकजुटता की थाली
इस टिफिन बैठक में छत्तीसगढ़ी संस्कृति और खान-पान की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। केवल मुख्यमंत्री ही नहीं, बल्कि सरकार के अन्य मंत्रियों और विधायकों ने भी स्थानीय व्यंजनों के जरिए अपनी जड़ों से जुड़ाव प्रदर्शित किया:
केदार कश्यप (कैबिनेट मंत्री): अपने साथ पारंपरिक ‘फरा’ लेकर आए।
पुरंदर मिश्रा (विधायक): छत्तीसगढ़ का मशहूर ‘धुसका-बड़ा’ साझा किया।
अन्य वरिष्ठ नेता: टिफिन में ठेठरी, चौसेला और खुरमी जैसे लजीज व्यंजन लेकर पहुंचे थे।
महिला मोर्चा की सदस्यों और अन्य कार्यकर्ताओं ने भी एक-दूसरे को अपने हाथों से भोजन कराया, जिससे कार्यक्रम में एक पारिवारिक माहौल निर्मित हुआ।
संवाद और समन्वय का माध्यम: टिफिन बैठक
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर संगठन में संवाद की महत्ता पर जोर दिया। उनके संबोधन के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:
आपसी प्रेम: साथ बैठकर भोजन करने से कार्यकर्ताओं के बीच भाईचारा बढ़ता है और मनमुटाव दूर होते हैं।
समानता का भाव: भाजपा में नेता और कार्यकर्ता के बीच कोई ऊंच-नीच नहीं है; सभी एक ही लक्ष्य के लिए समर्पित हैं।
निरंतरता: उन्होंने सुझाव दिया कि संगठन को मजबूत करने के लिए ऐसे आत्मीय आयोजनों का क्रम बना रहना चाहिए।
एक पुरानी परंपरा का पुनर्जागरण
उल्लेखनीय है कि ‘टिफिन बैठक’ की यह अनूठी परंपरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दशकों पहले संगठन में आत्मीयता बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की थी। छत्तीसगढ़ भाजपा अब इसे बूथ स्तर तक ले जा रही है। इसका मूल उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को एकजुट करना और आपसी समन्वय के जरिए संगठन की नींव को और अधिक शक्तिशाली बनाना है।
















