मध्यप्रदेश

सांस्कृतिक एकता का संगम : मालवा उत्सव के रजत जयंती वर्ष में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की बड़ी घोषणाएं

इंदौर (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में आयोजित ‘मालवा उत्सव’ और ‘मैंगो जत्रा’ में सम्मिलित होकर प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले और त्योहार केवल मनोरंजन के साधन नहीं हैं, बल्कि ये समाज में आत्मीयता, भाईचारे और सांस्कृतिक समन्वय की जड़ों को मजबूत करते हैं।

मालवा उत्सव: परंपरा और कला का 25वां वर्ष

इस वर्ष मालवा उत्सव अपनी रजत जयंती मना रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोक संस्कृति मंच को 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

विविधता में एकता: उत्सव में देश के विभिन्न कोनों से आए कलाकारों ने भांगड़ा, गरबा और बधाई जैसे लोक नृत्यों के माध्यम से भारत की सतरंगी संस्कृति का प्रदर्शन किया।

रोजगार का आधार: डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल कला जीवित रहती है, बल्कि छोटे हस्तशिल्पियों, दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी संचालकों के लिए आय के नए अवसर पैदा होते हैं।

मैंगो जत्रा: किसानों और उपभोक्ताओं के बीच सीधा सेतु

इंदौर के ग्रामीण हाट बाजार में मराठी सोशल ग्रुप द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ‘मैंगो जत्रा’ में मुख्यमंत्री ने शिरकत की। यहाँ महाराष्ट्र के रत्नागिरी और देवगढ़ के विश्वप्रसिद्ध हापुस (अल्फांसो) आमों की प्रदर्शनी और बिक्री की जा रही है।

किसान प्रोत्साहन: मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आए 24 आम उत्पादक किसानों के लिए 11-11 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि की घोषणा की।

किसान कल्याण वर्ष: डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार इस वर्ष को “किसान कल्याण वर्ष” के रूप में मना रही है, जिसका उद्देश्य किसानों को सीधे बाजार उपलब्ध कराना है।

आकर्षण के केंद्र: यहाँ आम से बने विभिन्न उत्पादों जैसे आइसक्रीम, अचार, आमरस, कैंडी और मसालों के स्टॉल लगाए गए हैं। साथ ही खादी के वस्त्रों और हस्तशिल्प की भी प्रदर्शनी लगी है।

इस गरिमामयी समारोह में पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट, सांसद श्री शंकर लालवानी और अन्य क्षेत्रीय विधायक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि रत्नागिरी के आमों का माँ अहिल्या की नगरी इंदौर तक पहुँचना हमारे देश की आंतरिक एकता और अंतर-राज्यीय समन्वय का एक अनूठा उदाहरण है।

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