मध्यप्रदेश में ग्रामीण विकास का नया सवेरा : ₹5000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का आगाज़

सीहोर (एजेंसी)। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सीहोर जिले के भैरूंदा में आयोजित एक भव्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान प्रदेश को विकास की बड़ी सौगातें दीं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस ‘रजत जयंती समारोह’ के दौरान राज्य में अधोसंरचना और आवास के क्षेत्र में ₹5000 करोड़ से अधिक के कार्यों का शुभारंभ किया गया।
प्रमुख घोषणाएँ और उपलब्धियाँ
सड़कों का जाल: पीएमजीएसवाई के चौथे चरण (Phase-4) के तहत मध्यप्रदेश को ₹1763 करोड़ की लागत वाली 2117 किलोमीटर लंबी सड़कों का उपहार मिला है। इससे लगभग 987 ग्रामीण बस्तियों को बारहमासी पक्की सड़कों से जोड़ा जाएगा।
आवास का सहारा: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत मध्यप्रदेश के लिए ₹2055 करोड़ की ‘मदर सैंक्शन’ जारी की गई है, जिससे हजारों परिवारों का पक्के घर का सपना सच होगा।
जनजातीय कल्याण: ‘पीएम जन-मन’ योजना के तहत जनजातीय बहुल क्षेत्रों में ₹261 करोड़ की लागत से 384 किमी लंबी सड़कों को मंजूरी दी गई है, जिससे 168 बस्तियों को सीधा लाभ मिलेगा।
देश भर में मध्यप्रदेश का दबदबा
समारोह के दौरान यह जानकारी साझा की गई कि ग्रामीण कनेक्टिविटी और सड़क निर्माण के मामले में मध्यप्रदेश पूरे देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।
प्रथम स्थान: सर्वाधिक लंबाई की सड़कों के निर्माण और गारंटी अवधि के बाद भी सड़कों के बेहतर रखरखाव में मध्यप्रदेश ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है।
द्वितीय स्थान: बसाहटों को मुख्य सड़क मार्ग से जोड़ने की श्रेणी में मध्यप्रदेश देश में दूसरे पायदान पर रहा।
“ग्रामीण सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की जीवन रेखा हैं। पीएमजीएसवाई ने गाँवों की तकदीर बदल दी है।”
— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
विकास का विजन: अटल जी की प्रेरणा और मोदी जी का नेतृत्व
केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वर्तमान वित्त वर्ष के लिए ₹830 करोड़ का सांकेतिक फंड सौंपा। उन्होंने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने जिस ग्रामीण सड़क योजना का बीज बोया था, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब नई ऊँचाइयों पर ले जाया जा रहा है। कार्यक्रम में एक लघु फिल्म के माध्यम से पिछले 25 वर्षों में ग्रामीण सड़कों से आए सामाजिक-आर्थिक बदलाव को प्रदर्शित किया गया।
समारोह की अन्य खास बातें:
लखपति दीदी: केंद्रीय मंत्रियों ने बताया कि देश में 2 करोड़ महिलाएँ ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं और अब लक्ष्य को बढ़ाकर 6 करोड़ कर दिया गया है।
कृषि सहायता: केंद्र सरकार द्वारा मूंग और सरसों की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने का स्वीकृति पत्र भी राज्य सरकार को सौंपा गया।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी, श्री कमलेश पासवान और राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और भारी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे। यह आयोजन ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
















