मध्यप्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सौगात : नरसिंहपुर में 42.52 करोड़ के सांदीपनि विद्यालय का लोकार्पण, युवाओं और शिक्षा को मिली नई रफ्तार

भोपाल (एजेंसी)। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश के बच्चे और युवा हमारे उज्ज्वल भविष्य के आधार स्तंभ हैं, जिनकी शिक्षा, कौशल और प्रगति में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पित है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नरसिंहपुर प्रवास के दौरान 42.52 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित अत्याधुनिक शासकीय सांदीपनि विद्यालय भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने सांदीपनि बस सेवा के तहत 15 नई बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और प्रदेश के 35.56 लाख से अधिक सामाजिक सुरक्षा हितग्राहियों के खातों में सिंगल क्लिक के जरिए 213.41 करोड़ रुपए की पेंशन राशि अंतरित की।

नरसिंहपुर जिले को 175 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की भेंट

नवाचार और विकास पर्व के तहत मुख्यमंत्री ने नरसिंहपुर में लगभग 175.14 करोड़ रुपए की लागत वाले 31 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। कार्यक्रम में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को नि:शुल्क ई-रजिस्ट्री की प्रतियां और विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत हितलाभ वितरित किए गए।

प्रमुख घोषणाएं एवं सौगातें:

मार्ग उन्नयन: नरसिंहपुर से पिपरिया मार्ग के विकास के लिए 540 करोड़ रुपए देने की घोषणा की गई।

शहरी विकास: नरसिंहपुर में नगर वन कॉरिडोर, खैरीनाका से रेलवे स्टेशन तक पक्की सड़क तथा एक भव्य गीता भवन का निर्माण किया जाएगा।

रिवर फ्रंट: नर्मदा नदी के प्रसिद्ध बरमान घाट पर आधुनिक रिवर फ्रंट विकसित होगा।

पशुपालन प्रोत्साहन: जिले के सभी विकासखंडों में पशुपालकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के तहत प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वालों को क्रमशः 1 लाख, 50 हजार और 25 हजार रुपए के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे।

मेट्रो लाभ: नरसिंहपुर को जबलपुर मेट्रोपोलिटन एरिया का सीधा लाभ मिलेगा।

आधुनिक युग में गुरुकुल परंपरा का विस्तार

सांदीपनि विद्यालयों के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ये संस्थान हमारी प्राचीन गुरुकुल परंपरा और आधुनिक शिक्षा प्रणाली का बेहतरीन समन्वय हैं। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए स्कूल भवनों के साथ-साथ बसें, पुस्तकें, यूनिफॉर्म, साइकिल, और 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वालों को लैपटॉप व टॉपर्स को स्कूटी प्रदान की जा रही है।

उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र देते हुए कहा कि लक्ष्य प्राप्ति के लिए निरंतर परिश्रम, अनुशासन और आत्मविश्वास बेहद जरूरी है।

रोजगार, चिकित्सा और जनकल्याण के क्षेत्र में बड़े कदम

रोजगार और परीक्षाएं: आगामी वर्ष 2027 को ‘युवा वर्ष’ के रूप में घोषित किया गया है, जिसके तहत पीएससी परीक्षाएं वर्ष में दो बार आयोजित होंगी। राज्य में 85 हजार से अधिक नई नियुक्तियां हो चुकी हैं और जल्द ही एक लाख से ज्यादा पदों पर भर्ती की जाएगी।

चिकित्सा शिक्षा: प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अगले साल 12 नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।

कल्याणकारी योजनाएं: लाड़ली बहनों को आर्थिक सहायता, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसान सम्मान निधि और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं से हर वर्ग को सीधा लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, प्रदेश के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से उग्रवाद के सफाए और चंबल में शांति स्थापना की दिशा में ऐतिहासिक सफलता मिली है।

कार्यक्रम के दौरान स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, सांसद दर्शन सिंह चौधरी, फग्गन सिंह कुलस्ते, पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

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