छत्तीसगढ़ में सुशासन की नई मिसाल : केवल एक महीने में ‘सीएम हेल्पलाइन-1076’ ने सुलझाईं 42 हजार से अधिक जन-समस्याएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनता की समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076’ अपने शुरुआती दौर में ही बेहद असरदार साबित हो रही है। इस योजना के शुरू होने के मात्र एक महीने के भीतर (13 जुलाई 2026 तक) 42,653 शिकायतों का सफलतापूर्वक निपटारा किया जा चुका है। खास बात यह है कि इनमें से 13,600 से अधिक नागरिकों ने समाधान से संतुष्ट होकर खुद अपनी मर्जी से अपने मामलों को बंद करवाया है।
हर वक्त मुस्तैद है प्रशासनिक अमला
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नागरिकों को पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन देने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री का कहना है कि यह हेल्पलाइन जनता और सरकार के बीच भरोसे को मजबूत करने का काम कर रही है। उन्होंने राज्य के लोगों से अपील की है कि वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इस टोल-फ्री नंबर का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें और दूसरों को भी जागरूक करें।
इस व्यवस्था की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
24×7 सेवा: यह हेल्पलाइन दिन-रात और हफ्ते के सातों दिन काम करती है।
अधिकारियों की बड़ी टीम: तहसीलदार से लेकर सचिव स्तर तक के लगभग 8,000 अधिकारी इस सिस्टम से जुड़े हैं।
तय समय-सीमा: हर शिकायत के निपटारे के लिए एक निश्चित समय तय किया गया है, जिसकी लगातार निगरानी की जाती है।
इन विभागों में हुआ सबसे ज्यादा काम
आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा शिकायतें ऊर्जा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभागों से जुड़ीं प्राप्त हुईं। समाधान करने में भी इन्हीं विभागों ने बाजी मारी है:
ऊर्जा विभाग: 3,066 मामलों का निपटारा
पंचायत एवं ग्रामीण विकास: 2,530 मामलों का निपटारा
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन: 1,314 मामलों का निपटारा
मुख्यमंत्री का संदेश:
“हम एक ऐसा प्रशासनिक ढांचा तैयार कर रहे हैं, जहां आम जनता को अपने काम के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। अब सिर्फ एक कॉल से शिकायत दर्ज होती है और उसका पक्का समाधान किया जाता है।”
तकनीक और संवेदनशीलता के तालमेल से चल रही “समस्या तुंहर, समाधान हमर” की यह मुहिम प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक त्वरित न्याय पहुँचाने और एक विकसित व पारदर्शी छत्तीसगढ़ के निर्माण में मील का पत्थर साबित हो रही है।
















