छत्तीसगढ़

खुशहाली की नई राह : प्रधानमंत्री आवास योजना से संवरा सोमारू और जयसिंह का भविष्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की जनहितैषी नीतियां अब सुदूर ग्रामीण अंचलों तक खुशहाली पहुंचा रही हैं। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना उन निर्धन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है, जो वर्षों से पक्के मकान की आस लगाए बैठे थे।

हाल ही में कोंडागांव जिले के केशकाल विकासखंड के ग्राम बदवर में आयोजित ‘सुशासन तिहार शिविर’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के दौरान शासन की योजनाओं का सीधा लाभ ग्रामीणों को मिला। इस विशेष शिविर में न केवल लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया, बल्कि पात्र हितग्राहियों को उनके सपनों के घर की चाबियां भी सौंपी गईं।

आशियाने का सपना हुआ साकार

शिविर के दौरान कुल पांच परिवारों को उनके नवनिर्मित पक्के मकानों का अधिकार मिला। इनमें प्रमुख रूप से श्री सोमारू नेताम और श्री जयसिंह नेताम शामिल हैं, जिनके जीवन में अब एक नया अध्याय शुरू हुआ है।

सोमारू नेताम की खुशी: सोमारू ने बताया कि पहले उनका परिवार एक कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर था। मानसून के दौरान छत से पानी टपकना और दीवारों के गिरने का डर हमेशा बना रहता था। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनका परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल में रह सकेगा।

जयसिंह नेताम का अनुभव: जयसिंह ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि झोपड़ीनुमा घर में बारिश का पानी घुस जाना एक आम समस्या थी। पक्का मकान मिलने से न केवल उनकी आर्थिक चिंताएं कम हुई हैं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हुई है।

शासन की मंशा: हर गरीब को मिले छत

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि ‘सुशासन तिहार’ जैसे आयोजनों के माध्यम से कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित की जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से कच्चे घरों और झोपड़ियों में रहने वाले परिवारों को पक्के मकान देकर उनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाया जा रहा है। ये पक्के मकान सिर्फ ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि इन परिवारों के लिए बेहतर भविष्य की नींव हैं।

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