त्योहारों से पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी बड़ी सौगात, बुजुर्गों और बहनों के खातों में भेजे 311 करोड़ रुपये

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश सरकार ने आगामी पर्वों को देखते हुए राज्य के लाखों नागरिकों को आर्थिक राहत प्रदान की है। मंगलवार को भोपाल स्थित मंत्रालय से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक डिजिटल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की सब्सिडी के रूप में कुल 311 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की।
आयोजन के दौरान प्रदेश भर के हितग्राहियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने (अंत्योदय) और जनसेवा के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और किसानों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
वृद्धजनों को मिली पेंशन राशि
मुख्यमंत्री ने जुलाई 2026 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत राज्य के 35.25 लाख से अधिक पात्र बुजुर्गों व अन्य हितग्राहियों के खातों में 211.53 करोड़ रुपये जारी किए। उन्होंने कहा कि यह राशि बुजुर्गों के जीवन में सम्मान और आर्थिक संबल प्रदान करती है, जो सरकार को जनकल्याण की दिशा में और अधिक बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देती है।
सावन और रक्षाबंधन पर बहनों को तोहफा
श्रावण मास और रक्षाबंधन के पावन अवसर को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने उज्ज्वला योजना की लगभग 22.20 लाख लाभार्थी बहनों के खातों में अप्रैल और मई 2026 की गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी के 99 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए। बहनों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाओं की खुशहाली ही सरकार की प्राथमिकता है और उनके कल्याण में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
स्वतंत्रता दिवस और ‘हर घर तिरंगा’ का आह्वान
डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को हरियाली तीज, स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन की अग्रिम बधाई दी और ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत सभी से अपने-अपने आवासों पर राष्ट्रध्वज फहराने की अपील की।
इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि राज्य में उज्ज्वला और गैर-उज्ज्वला योजना के तहत पिछले तीन वर्षों से 450 रुपये में गैस रिफिल की सुविधा दी जा रही है। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
















