खेती और किसानों के कल्याण के लिए सरकार प्रतिबद्ध, भूमि अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजे का भरोसा : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल (एजेंसी)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य सरकार की कृषि एवं कृषक हितैषी प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य में किसानों के अधिकारों और उनकी जमीनों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं। भोपाल स्थित करौंद मंडी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी सरकारी परियोजना के लिए कृषि भूमि ली जाती है, तो प्रभावित किसानों को चार गुना अधिक मुआवजा प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने अन्नदाताओं से अपनी कृषि योग्य भूमि को सुरक्षित रखने की अपील की।
‘कवच’ योजना से राहत: किसानों की वित्तीय स्थिति सुधारने और पुरानी समस्याओं को हल करने के लिए राज्य सरकार ने ‘कवच’ योजना की शुरुआत की है। इसके तहत सहकारिता क्षेत्र की कमियों को दूर कर लगभग 5,000 किसानों को लाभान्वित किया गया है। योजना के अंतर्गत किसानों को ब्याज मुक्त ऋण और उसे चुकाने के लिए 12 महीने की समय-सीमा दी जा रही है।
कृषि क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियां: मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश जैविक खेती और जैविक कपास उत्पादन में देशभर में शीर्ष स्थान पर है। इसके अलावा दलहन उत्पादन में पहला, खाद्यान्न व तिलहन में दूसरा और दुग्ध उत्पादन में प्रदेश तीसरे स्थान पर है।
भविष्य के लक्ष्य: राज्य सरकार ने सिंचाई क्षमता को 100 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने, उद्यानिकी का दायरा 30 लाख हेक्टेयर करने और 10,000 नई सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
आय बढ़ाने पर जोर: किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रखकर फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती, पशुपालन और मत्स्य पालन अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही उत्पादों की प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए आय बढ़ाने के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
राज्यभर के सभी जिलों में बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें पिछले 26 दिनों के भीतर यह 14वां कार्यक्रम था। जल्द ही भोपाल में एक विशाल राज्यस्तरीय कृषि सम्मेलन आयोजित करने की भी योजना है। इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान शामिल हुए।
















