आयुष्मान भारत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया

रायपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने पर छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित ‘आरोग्य मंथन 2026’ कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने राज्य को यह पुरस्कार प्रदान किया। छत्तीसगढ़ की तरफ से राज्य नोडल अधिकारी डॉ. धर्मेंद्र गहवई ने यह सम्मान प्राप्त किया।
यह पुरस्कार आयुष्मान भारत के 8 वर्ष और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के 5 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पोर्टेबिलिटी क्लेम के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए दिया गया।
पोर्टेबिलिटी क्लेम समाधान में राज्य का बेहतरीन प्रदर्शन
आयुष्मान भारत योजना की पोर्टेबिलिटी सुविधा के तहत लाभार्थी अपने राज्य के बाहर भी किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में कैशलेस इलाज करा सकते हैं। दूसरे राज्यों में उपचार कराने वाले छत्तीसगढ़ के नागरिकों के क्लेम का समय पर निपटारा करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुगम बनाने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों को यह राष्ट्रीय पहचान मिली है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के आंकड़ों के अनुसार, 30 जून 2026 तक पोर्टेबिलिटी सुविधा के अंतर्गत देशभर में 29.05 लाख से अधिक अंतर-राज्यीय अस्पताल दाखिलों को मंजूरी दी जा चुकी है, जिसकी कुल स्वीकृत राशि ₹8,383.97 करोड़ से अधिक है।
मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वास्थ्य विभाग की टीम और चिकित्सकों को बधाई देते हुए कहा कि राज्य सरकार का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी नागरिक आर्थिक तंगी के कारण इलाज से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह सम्मान स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक पारदर्शी, सुलभ और मरीज-केंद्रित बनाने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित करेगा।
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इसे पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में विभाग का लक्ष्य योजना का लाभ राज्य के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। भविष्य में क्लेम प्रोसेसिंग की पारदर्शिता और गति को और अधिक बेहतर बनाया जाएगा।
डिजिटल तकनीक और भावी रणनीति
‘आरोग्य मंथन 2026’ सम्मेलन के दौरान डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम को मजबूत करने, क्लेम प्रोसेसिंग में आधुनिक तकनीक के उपयोग और स्वास्थ्य डेटा की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विभिन्न राज्यों के अधिकारियों के बीच विस्तृत चर्चा हुई।
















