जन्माष्टमी पर मुख्यमंत्री यादव का बड़ा ऐलान, पात्र कैदियों की सजा में एक महीने की रियायत, भोपाल जेल में खुलेगा मानसिक स्वास्थ्य केंद्र

भोपाल (एजेंसी)। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर केंद्रीय जेल भोपाल पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बंदियों को राहत देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने पात्र कैदियों की सजा में एक माह की विशेष छूट देने के साथ ही महिला बंदियों के लिए भी खुली जेल (ओपन जेल) स्थापित करने की घोषणा की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने भोपाल की केंद्रीय जेल में जल्द ही एक मानसिक स्वास्थ्य केंद्र की शुरुआत करने का निर्णय लिया। कार्यक्रम में उन्होंने उत्कृष्ट व साहसिक कार्य करने वाले छह जेल कर्मियों को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य बातें:
महिला कैदियों के लिए खुली जेल: पुरुषों की तर्ज पर अब राज्य में महिला बंदियों के लिए भी जल्द ही खुली जेल का प्रावधान किया जाएगा।
स्वास्थ्य एवं ढांचागत सुधार: कैदियों के मानसिक कल्याण के लिए जेल में मानसिक स्वास्थ्य केंद्र बनेगा। साथ ही, जेलों में नए बैरकों और स्टाफ क्वार्टर्स का निर्माण, ध्यान-योग, शिल्प प्रशिक्षण और आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
सांस्कृतिक प्रस्तुति व गौ-सेवा: मुख्यमंत्री ने गौ-माता को गुड़-रोटी खिलाई और श्रीकृष्ण रूप धारण किए बच्चों को दुलारा। कार्यक्रम में बंदियों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर प्रस्तुत की गई नाटिका की सराहना की गई।
विभाग का सुदृढ़ीकरण: नए जेल कानून के कार्यान्वयन और पदों के सृजन व पदोन्नति से जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली को और अधिक सुचारू बनाया जा रहा है।
इस अवसर पर खेल व सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, जेल महानिदेशक वरुण कपूर तथा प्रमुख सचिव जेल मुकेश चंद्र गुप्ता सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
















