जशपुर में मुख्यमंत्री का भावुक पल : नन्हीं मानविका के साथ आत्मीयता देख गदगद हुए लोग

जशपुर। ‘सुशासन तिहार’ के दौरान जशपुर जिले के भैंसामुड़ा गांव में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का मन मोह लिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय अपनी आधिकारिक व्यस्तताओं के बीच एक अत्यंत सहज और संवेदनशील भूमिका में नजर आए। यह वाकया उस समय हुआ जब मुख्यमंत्री की नजर भीड़ में मौजूद 4 साल की नन्हीं बच्ची मानविका चौहान पर पड़ी।
बच्ची के सपने को मिला मुख्यमंत्री का हौसला
मुख्यमंत्री ने औपचारिकताएं छोड़कर स्वयं बच्ची के पास जाकर उसे अपनी गोद में उठा लिया। इस सरल मुलाकात में एक पिता जैसा वात्सल्य साफ झलक रहा था। जब मुख्यमंत्री ने लाड़-प्यार से मानविका से पूछा कि वह बड़ी होकर क्या बनना चाहती है, तो बच्ची ने बड़े आत्मविश्वास से जवाब दिया—”मुझे डॉक्टर बनना है।”
बच्ची के इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को सुनकर मुख्यमंत्री का चेहरा खिल उठा। उन्होंने न केवल बच्ची को आशीर्वाद दिया, बल्कि अपने पास रखा चश्मा निकालकर उसे पहना दिया और बड़े दुलार के साथ उसका हौसला बढ़ाया। यह चंद पलों की मुलाकात वहां मौजूद लोगों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं थी।
परिवार के लिए यादगार बना यह पल
इस भावुक मुलाकात पर बच्ची की मां श्रीमती दीपांजलि चौहान ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का यह सरल और स्नेहपूर्ण व्यवहार उनके परिवार के लिए हमेशा याद रहने वाला अनुभव बन गया है। उनकी बेटी भी मुख्यमंत्री से मिलकर बेहद उत्साहित थी।
यह प्रसंग स्पष्ट करता है कि एक जन-प्रतिनिधि का असली व्यक्तित्व तब उभरकर आता है जब वह नीतियों से परे जाकर जनता से भावनात्मक रूप से जुड़ता है। भैंसामुड़ा में मुख्यमंत्री के इस आत्मीय व्यवहार ने शासन और संवेदना के बीच की दूरी को मिटाकर एक मजबूत विश्वास की नींव रखी।
















