युवाओं को सीएम का संदेश : किताबी ज्ञान के साथ नवाचार और स्टार्टअप पर दें जोर, महू में बांटे प्लेसमेंट प्रमाण-पत्र

भोपाल भोपाल। रविवार, 3 मई 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर जिले के महू में एक निजी कॉलेज द्वारा आयोजित प्लेसमेंट कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न कंपनियों में चयनित हुए युवाओं को प्लेसमेंट प्रमाण-पत्र सौंपे। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, विधायक उषा ठाकुर और कॉलेज प्रबंधन के पदाधिकारी उपस्थित थे।
स्टार्टअप संस्कृति को मिल रहा सरकारी संरक्षण
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की स्टार्टअप-अनुकूल नीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश में अब तक 10 हजार स्टार्टअप्स का पंजीकरण हो चुका है, जो राज्य में बढ़ती नवाचार की प्रवृत्ति को दर्शाता है। युवाओं को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से सरकार उन्हें प्रतिमाह स्टाइफंड भी प्रदान कर रही है। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य में औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार के अवसर सुलभ हो सकें।
विद्यार्थियों के साथ संवाद: एक शिक्षक की भूमिका में सीएम
कार्यक्रम की एक प्रमुख विशेषता मुख्यमंत्री और विद्यार्थियों के बीच हुआ सीधा संवाद रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने एक शिक्षक की तरह विद्यार्थियों से विज्ञान और राजनीति जैसे विषयों पर प्रश्न किए, वहीं छात्रों ने भी उनसे उद्योग जगत और भविष्य की चुनौतियों पर सवाल पूछे।
सीखने पर जोर: मुख्यमंत्री ने छात्रों को सलाह दी कि वे पढ़ाई को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रखें। उन्होंने कहा कि विषय को गहराई से समझने से वह लंबे समय तक याद रहता है।
निरंतर नवाचार: उन्होंने छात्रों का आह्वान किया कि वे लीक से हटकर सोचें, नई चीजों का आविष्कार करें और खुद का निरंतर मूल्यांकन करते रहें।
प्रदर्शनी का अवलोकन: डॉ. यादव ने कॉलेज परिसर में आयोजित विज्ञान प्रदर्शनी का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने छात्रों द्वारा बनाए गए विभिन्न वैज्ञानिक मॉडलों को देखा और उनके बारे में विस्तार से जानकारी ली।
औद्योगिक विकास से मिल रहे रोजगार के अवसर
कॉलेज के सचिव सुनील बंसल ने बताया कि उनके संस्थान की शाखाएं इंदौर के साथ-साथ भोपाल और मंडीदीप में भी संचालित हैं। उन्होंने इस बात पर खुशी जताई कि उनके अधिकांश विद्यार्थियों का प्लेसमेंट मध्य प्रदेश स्थित कंपनियों में ही हुआ है। उन्होंने इसका श्रेय राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों को देते हुए कहा कि प्रदेश में नए उद्योगों के आगमन से युवाओं का भविष्य उज्ज्वल हुआ है।
















