भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक दबाव के बीच सोने-चांदी में मंदी का दौर जारी रहने के आसार

नई दिल्ली (एजेंसी)। पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते सैन्य तनाव और मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का सिलसिला इस हफ्ते भी जारी रह सकता है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के ठिकानों पर हालिया हवाई हमलों के बाद भू-राजनीतिक परिस्थितियां बेहद संवेदनशील हो गई हैं, जिसका सीधा असर कमोडिटी मार्केट पर देखने को मिल रहा है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सप्ताह निवेशकों की नजर कई महत्वपूर्ण वैश्विक कारकों पर टिकी रहेगी:
आर्थिक आंकड़े: अमेरिका के साप्ताहिक बेरोजगारी दावों और शुरुआती पीएमआई (PMI) के आंकड़े।
केंद्रीय बैंकों के फैसले: चीन और यूरोप की आगामी मौद्रिक नीतियां।
फेडरल रिजर्व की बैठक: महीने के अंत में होने वाली अमेरिकी फेड की बैठक, जो ब्याज दरों की भविष्य की दिशा तय करेगी।
पिछले सप्ताह बाजार का हाल (MCX और वैश्विक स्तर पर)
पिछले कारोबारी सप्ताह के दौरान सोने और चांदी दोनों की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग) हावी रहने के कारण बिकवाली का दबाव साफ नजर आया।
कमोडिटी बाजार, सोना (Gold), चांदी (Silver)
MCX (घरेलू वायदा),”₹2,572 (~2%) गिरकर ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम (अगस्त डिलीवरी) पर बंद”,”₹6,261 (2.8%) टूटकर ₹2.16 लाख प्रति किलोग्राम (सितंबर डिलीवरी) पर बंद”
Comex (वैश्विक बाजार),”$95 (2.3%) की गिरावट के साथ $4,018.8 प्रति औंस पर बंद”,$4 (~6.4%) की भारी गिरावट के साथ $56.32 प्रति औंस पर बंद
कीमतों में गिरावट की मुख्य वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्राफा बाजार में जारी इस गिरावट के पीछे निम्नलिखित प्रमुख कारण हैं:
मुनाफावसूली का दबदबा: बाजार में हर ऊपरी स्तर पर नई बिकवाली देखी जा रही है। कारोबारी नई खरीदारी करने के बजाय अपने मुनाफे को सुरक्षित करने (प्रॉफिट बुकिंग) को प्राथमिकता दे रहे हैं।
मजबूत डॉलर और कच्चा तेल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों ने सोने पर दबाव बनाया है। भारतीय रुपये में आए मामूली सुधार के बावजूद मजबूत डॉलर का असर ज्यादा हावी रहा।
ब्याज दरों का अनिश्चित भविष्य: लंबे समय तक ब्याज दरों के उच्च स्तर पर बने रहने की आशंका के कारण निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिससे कीमती धातुओं के भाव में नरमी बनी हुई है।
















