रुद्री घाट पर ‘महानदी गंगा आरती’ का भव्य आगाज : ₹20 करोड़ से बदलेगा रुद्रेश्वर धाम का स्वरूप

धमतरी। सावन के प्रथम सोमवार को धमतरी स्थित चित्रोत्पला महानदी का रुद्री घाट एक अद्भुत आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बन गया। काशी (वाराणसी) की भव्य परंपरा का अनुसरण करते हुए, 108 दीपों की रोशनी, शंखध्वनि, घंटियों के नाद और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रथम ‘महानदी गंगा आरती’ का आयोजन किया गया। धमतरी युवा ब्रिगेड एवं रुद्रेश्वर महादेव परिवार के इस संयुक्त प्रयास ने शहर की सांस्कृतिक विरासत को नया स्वरूप दिया है। यह धार्मिक अनुष्ठान सावन के हर सोमवार को निरंतर आयोजित किया जाएगा।
इसी अवसर पर धमतरी के लिए एक प्रमुख विकास योजना की भी घोषणा की गई। राज्य के संस्कृति एवं पर्यटन विभाग द्वारा प्राचीन रुद्रेश्वर महादेव मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यकरण के लिए 20 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना का उद्देश्य रुद्रेश्वर धाम को राष्ट्रीय स्तर के धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
तीन चरणों में पूर्ण होगी विकास कार्ययोजना
इस मास्टर प्लान के तहत प्राचीन वास्तुकला को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक जनसुविधाओं का विकास किया जाएगा:
स्थापत्य एवं निर्माण: मंदिर की पारंपरिक शैली को बनाए रखते हुए भव्य प्रवेश द्वार, आकर्षक शिखर, तोरण द्वार, दीप स्तंभ और विशाल नंदी प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
श्रद्धालु सुविधाएं: चौड़े पैदल मार्ग, विश्राम गृह, प्रसाद व स्मृति चिन्ह केंद्र, फूड कोर्ट, सुरक्षित स्नान घाट और डिजिटल सूचना केंद्र का निर्माण होगा। इसके अतिरिक्त, AI-आधारित हेल्थ कियोस्क और प्राथमिक चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
पर्यावरण व पर्यटन: रिवर फ्रंट कॉटेज, सांस्कृतिक मंडप, ओपन-एयर स्टेज, सुंदर उद्यान और तट का विकास किया जाएगा। साथ ही, सौर ऊर्जा आधारित पार्किंग, EV चार्जिंग प्वाइंट, रेनवाटर हार्वेस्टिंग और आधुनिक अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था की जाएगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों की उपस्थिति में शुरू हुआ यह आयोजन धमतरी के सामाजिक व आर्थिक उत्थान का मार्ग प्रशस्त करेगा। नियमित गंगा आरती और मंदिर परिसर का कायाकल्प न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देंगे, बल्कि स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करेंगे।
















