इंडिगो का बड़ा फैसला : हवाई सफर में अतिरिक्त सामान ले जाना अब जेब पर भारी, नियमों में बदलाव

रायपुर। छत्तीसगढ़ समेत देशभर के हवाई यात्रियों के लिए एक बड़ा झटका देने वाली खबर है। देश की प्रमुख एयरलाइन कंपनी इंडिगो (IndiGo) ने एक्स्ट्रा बैगेज यानी अतिरिक्त सामान ले जाने के नियमों और शुल्कों में भारी बदलाव किया है। कंपनी ने डोमेस्टिक उड़ानों के लिए बैगेज चार्ज में सीधे 59 फीसदी तक का इजाफा कर दिया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय रूटों पर यह बढ़ोतरी तीन गुना से भी ज्यादा की गई है।
गौरतलब है कि फ्लाइट्स में यात्रियों को 15 किलोग्राम तक का सामान (चेक-इन लगेज) मुफ्त ले जाने की अनुमति होती है, लेकिन इससे ज्यादा वजन होने पर अब पहले के मुकाबले काफी मोटी रकम चुकानी होगी।
घरेलू उड़ानों में कितना बढ़ा बोझ? जानिए नया गणित
इंडिगो द्वारा जारी किए गए नए नियमों के मुताबिक, डोमेस्टिक फ्लाइट्स में चेक-इन और हैंड लगेज की तय सीमा से ज्यादा सामान होने पर जेब पर असर पड़ना तय है।
पहले का नियम: तय सीमा से ऊपर अतिरिक्त 3 किलो सामान ले जाने के लिए यात्रियों को ₹975 का भुगतान करना पड़ता था।
अब का नियम: इसी 3 किलो अतिरिक्त वजन के लिए अब यात्रियों को ₹1,650 देने होंगे।
इस बढ़ोतरी का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो कम दूरी की यात्रा करते हैं, क्योंकि अचानक से उनका सफर काफी खर्चीला हो जाएगा।
इंटरनेशनल फ्लाइट्स में भी तगड़ा झटका
वैश्विक रूटों (International Flights) पर यात्रा करने वालों के लिए भी मुश्किलें बढ़ गई हैं:
पुरानी दरें: पहले 8 किलोग्राम तक के अतिरिक्त वजन के लिए लगभग ₹800 देने होते थे और उसके बाद प्रति किलोग्राम ₹100 के हिसाब से चार्ज लगता था।
नई व्यवस्था: अब इस पुरानी दर को खत्म कर नया शुल्क ढांचा लागू किया गया है, जो पहले के मुकाबले तीन गुना से भी अधिक है। लंबी दूरी का सफर करने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों पर इसका सबसे ज्यादा वित्तीय असर देखने को मिलेगा।
‘बजट एयरलाइन’ के इस फैसले से यात्रियों में भारी नाराजगी
इस अचानक हुई बढ़ोतरी के बाद हवाई सफर करने वाले यात्रियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। लोगों का कहना है कि विमान कंपनियां लगातार किसी न किसी बहाने आम जनता की जेब ढीली कर रही हैं।
यात्रियों का दर्द: “पहले टिकट कैंसिलेशन चार्ज बढ़ाया गया और अब सामान ले जाने पर भी पाबंदी जैसी दरें लागू कर दी गई हैं। खुद को बजट एयरलाइन कहने वाली कंपनियां इस बात का फायदा उठा रही हैं कि यात्रियों के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं।”
हवाई सफर करने वाले कई लोगों का मानना है कि फ्लाइट से यात्रा करना अब आम आदमी के बजट से बाहर होता जा रहा है। ऐसे में यात्रियों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय और संबंधित विमानन विभाग से मांग की है कि वे इस मनमानी पर रोक लगाएं और किरायों व शुल्कों की निगरानी के लिए उचित कदम उठाएं।
















