महतारी वंदन योजना : छत्तीसगढ़ में 67 लाख से अधिक महिलाओं को मिली 32वीं किस्त, दुर्ग जिले को 218 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 32वीं किस्त की राशि जारी कर दी है। दुर्ग जिले में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रदेश की 67.38 लाख से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से 632.40 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की। इस किस्त के भुगतान के साथ ही योजना के प्रारंभ से अब तक महिलाओं को दी गई कुल आर्थिक सहायता 20,708 करोड़ रुपये से अधिक हो गई है।
दुर्ग जिले को मिली विकास सौगातें
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले में 218.48 करोड़ रुपये से अधिक के 23 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। इसमें से 3.89 लाख से अधिक स्थानीय लाभार्थी महिलाओं के खातों में 37.19 करोड़ रुपये की महतारी वंदन राशि अंतरित की गई। इसके अतिरिक्त, सिडबी क्लस्टर डेवलपमेंट फंड से 1.22 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड किए गए शासकीय आईटीआई दुर्ग का लोकार्पण भी संपन्न हुआ।
विभिन्न क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं की शुरुआत:
सड़क एवं परिवहन: लोक निर्माण विभाग के तहत दुर्ग ग्रामीण, अहिवारा, पाटन और वैशाली नगर क्षेत्रों में प्रमुख राज्य मार्गों व संपर्क सड़कों के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 90 करोड़ रुपये से अधिक के कार्यों की आधारशिला रखी गई।
सिंचाई एवं जल संसाधन: पाटन, अहिवारा और दुर्ग ग्रामीण क्षेत्रों के जलाशयों (जैसे सुरपा, मोहंदी, तिरगा, गनियारी) के जीर्णोद्धार और नहरों की रीमॉडलिंग के लिए 30 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं शुरू की गईं।
स्वास्थ्य एवं तकनीकी शिक्षा: शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में 16.16 करोड़ रुपये की लागत से नए हॉस्टल तथा जिला अस्पताल परिसर में 11.96 करोड़ रुपये से शासकीय जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण किया जाएगा। शासकीय पॉलिटेक्निक दुर्ग में 8.86 करोड़ और लाइवलीहुड कॉलेज दुर्ग में 4.11 करोड़ रुपये के इंफ्रास्ट्रक्चर कार्य स्वीकृत किए गए हैं।
ऊर्जा क्षेत्र: पाटन विधानसभा क्षेत्र में विद्युत नेटवर्क सुधारने हेतु 132/33 केवी जामगांव उपकेंद्र तथा 132 केवी पाटन-जामगांव ट्रांसमिशन लाइन सहित कुल 42.33 करोड़ रुपये की योजनाओं का शिलान्यास किया गया।
महिला सशक्तीकरण और विकास मॉडल पर जोर
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से सक्षम होती है, तो बच्चों की शिक्षा, पोषण और परिवार के स्वास्थ्य संबंधी निर्णयों में उसकी भूमिका मजबूत होती है। 1 मार्च 2024 से शुरू हुई इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जाती है, जिससे उनकी बुनियादी आवश्यकताओं और छोटी-बड़ी आजीविका गतिविधियों को समर्थन मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और जनकल्याणकारी योजनाओं का संतुलित समावेश किया गया है।
















