छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला : सरकारी बिजली कंपनी का आएगा IPO, वैकल्पिक खेती करने वाले किसानों को मिलेंगे ₹15,000 प्रति एकड़

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई में हुई कैबिनेट की उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के विकास, किसानों की खुशहाली और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई दूरगामी फैसले लिए गए हैं। सरकार ने इस बार केवल धान पर निर्भरता कम करने और पारदर्शी गवर्नेंस को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया है।

बैठक में लिए गए प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं:

स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होगी बिजली कंपनी: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को शेयर बाजार (IPO) में उतारने की मंजूरी दे दी गई है। इस ऐतिहासिक कदम से आम लोग और निवेशक कंपनी के हिस्सेदार बन सकेंगे, जिससे कंपनी के काम में पारदर्शिता आएगी और उसकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।

किसानों के लिए ‘कृषक उन्नति योजना’ का नया अवतार: फसलों के विविधीकरण (Crop Diversification) और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सरकार धान की जगह दूसरी फसलें उगाने वाले किसानों को ₹15,000 प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि देगी। यह लाभ मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, कपास, दलहन और तिलहन की खेती करने वाले उन किसानों को मिलेगा, जो एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक और डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत रजिस्टर्ड होंगे।

राशन कार्ड धारकों को मिलता रहेगा चना: सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीब परिवारों को चने की सप्लाई बिना रुके जारी रहेगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को NeML के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के जरिए न्यूनतम सर्विस चार्ज पर चना खरीदने की छूट दी गई है। साथ ही, मौजूदा व्यवस्था को जून 2026 तक बढ़ा दिया गया है।

अब चिकित्सा शिक्षा विभाग संभालेगा ‘योग’: योग और आयुष चिकित्सा प्रणाली के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए ‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग को सौंप दिया गया है। इससे योग से जुड़े रिसर्च और पढ़ाई-लिखाई को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुसार बेहतर ढंग से चलाया जा सकेगा।

चार शहरों में दौड़ेंगी 240 ई-बसें: राजधानी रायपुर समेत दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों को चलाने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए कैबिनेट ने केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना’ के तहत पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (PSM) की शर्तों को हरी झंडी दे दी है। इससे शहरों में प्रदूषण घटेगा और लोगों को सस्ता परिवहन मिलेगा।

नवा रायपुर में जमीनों की खरीद पर स्टाम्प ड्यूटी छूट बढ़ी: नवा रायपुर अटल नगर के तेजी से विकास के लिए आपसी सहमति से खरीदी जाने वाली जमीनों पर मिलने वाली स्टाम्प ड्यूटी (मुद्रांक शुल्क) छूट की अवधि को बढ़ाकर 31 मार्च 2028 कर दिया गया है।

खनिज माफियाओं पर कड़ा प्रहार (खनिज नियमों में बदलाव): राज्य में अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए ‘छत्तीसगढ़ खनिज नियम, 2009’ में संशोधन किया गया है। अब खनिज ले जाने वाली गाड़ियों में RFID टैग और व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, भंडारण शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट की रकम बढ़ा दी गई है, जबकि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत दो अलग-अलग स्टोरेज लाइसेंस को एक करने (मर्ज करने) की सुविधा भी दी गई है।

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