मोहनखेड़ा महातीर्थ में पारणा महोत्सव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिया संस्कार और सेवा का संदेश

भोपाल (एजेंसी)। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर धार जिले के प्रसिद्ध जैन तीर्थ मोहनखेड़ा में ‘आदिराज पारणा महोत्सव’ (वर्षीतप) का भव्य आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक समागम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष रूप से शिरकत की। गच्छाधिपति श्रीमद विजय नित्यसेन सुरीश्वरजी महाराज के सानिध्य में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने तपस्वियों का उत्साहवर्धन किया और धर्म-संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
तप और गुरु मार्गदर्शन का महत्व
महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मानव शरीर पंचतत्वों से निर्मित है और इसे आध्यात्मिक रूप से शुद्ध करने के लिए उपवास व तपस्या सबसे सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने गुरु की भूमिका को सूर्य के समान बताते हुए कहा, “जिस प्रकार सूर्य जगत को ऊर्जा देता है, उसी प्रकार गुरु हमारे जीवन के अंधकार को मिटाकर सही मार्ग दिखाते हैं। उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही हम भौतिक और आध्यात्मिक उन्नति कर सकते हैं।”
सांस्कृतिक चेतना और जन-कल्याण का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में घोषणा की कि राज्य सरकार केवल बुनियादी विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के संरक्षण के लिए भी संकल्पित है। उन्होंने सरकार द्वारा उठाए गए कुछ प्रमुख कदमों को साझा किया:
गौ-सेवा: गौशालाओं में प्रति गाय दी जाने वाली अनुदान राशि को ₹20 से बढ़ाकर अब ₹40 कर दिया गया है।
कृषि और दुग्ध उत्पादन: प्रदेश में प्राकृतिक खेती और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार निरंतर नई योजनाएं ला रही है।
सामाजिक उत्थान: समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति (गरीब और वंचित वर्ग) के जीवन स्तर को सुधारना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
550 तपस्वियों ने पूर्ण किया वर्षीतप
इस महोत्सव में 550 से अधिक श्रद्धालुओं ने अपना 400 दिनों का कठिन ‘वर्षीतप’ पूर्ण किया। जैन परंपरा के अनुसार, प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव ने अक्षय तृतीया के दिन ही इक्षु रस (गन्ने के रस) से अपना उपवास खोला था, जिसकी स्मृति में यह आयोजन किया जाता है। मुख्यमंत्री ने इस कठिन साधना को आत्मसंयम और त्याग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
विशिष्ट जनों की उपस्थिति
कार्यक्रम में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप, पूर्व विधायक वेलसिंह भूरिया सहित जैन समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी और ट्रस्ट के सदस्य मौजूद रहे। गच्छाधिपति पूज्य श्री नित्यसेन सुरीश्वरजी महाराज ने मुख्यमंत्री को लोक सेवा के पथ पर निरंतर अग्रसर रहने का आशीर्वाद प्रदान किया।
अंत में मुख्यमंत्री ने मोहनखेड़ा महातीर्थ में विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
















