नवा रायपुर को मॉडल ग्रीनफील्ड सिटी बनाने का संकल्प : सेक्टर-12 में ₹119.89 करोड़ के आवास प्रोजेक्ट का भूमिपूजन

रायपुर। आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओ.पी. चौधरी ने नवा रायपुर अटल नगर (सेक्टर-12, फेस-2) में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की ₹119.89 करोड़ लागत की नई आवासीय योजना का भूमिपूजन किया। इस प्रोजेक्ट के ज़रिए नवा रायपुर को देश के एक आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल (ग्रीनफील्ड) शहर के रूप में निखारने की तैयारी है।
परियोजना और नई नीतियों की प्रमुख बातें:
आवास निर्माण की योजना:
फेस-2 (29.20 एकड़): 348 HIG और MIG मकान बनाए जाएंगे (कीमत: ₹45.70 लाख से ₹85.17 लाख)।
आगामी चरण: जल्द ही 704 नए फ्लैट (128 HIG, 320 MIG, 256 LIG) का काम शुरू होगा (अनुमानित कीमत: ₹16.76 लाख से ₹40.47 लाख)।
मांग-आधारित निर्माण नीति: हाउसिंग बोर्ड को ₹700 करोड़ के कर्ज से मुक्त कराने के बाद नई नीति लागू की गई है। अब कम से कम 60% कुल बुकिंग या शुरुआती 3 महीनों में 30% बुकिंग होने पर ही निर्माण के टेंडर जारी होंगे, ताकि सरकारी पैसा और मकान बेकार न पड़ें।
बेहतर गुणवत्ता और आधुनिक मानक: भवनों में तय SOR मानकों से बेहतर टाइल्स, फिटिंग्स और रंगों का इस्तेमाल किया जाएगा। मंत्री ने निर्देश दिए कि गुणवत्ता के लिए यदि लागत 5-10% बढ़ती है, तो भी उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं देना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
RWA की भूमिका और समय पर हैंडओवर: कॉलोनियों के बेहतर रखरखाव के लिए ‘रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन’ (RWA) को मजबूत किया जाएगा। निर्माण गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए आवंटियों से भी सीधे फीडबैक मांगा गया है।
पर्यावरण संरक्षण: ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कार्यक्रम स्थल पर पीपल का पौधा लगाया गया। नवा रायपुर को हरित शहर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
हाउसिंग बोर्ड का नवा रायपुर में अब तक का सफर:
सेक्टर-27 (2007-2014): 2,665 मकान/फ्लैट हैंडओवर किए गए।
सेक्टर-29 (2011-2015): 3,012 मकान/फ्लैट का निर्माण पूर्ण।
सेक्टर-16, 30, 34 (PMAY/CMAY): कमजोर वर्गों के लिए 4,544 EWS/LIG फ्लैट्स में से 1,871 का कब्जा सौंपा जा चुका है।
सेक्टर-12 फेस-1 (2018): 450 HIG/MIG मकान बनाकर आबंटित किए जा चुके हैं।
हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव, सचिव अंकित आनंद और आयुक्त अवनीश शरण ने आश्वस्त किया कि सभी नए निर्माण तय समय सीमा में पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएंगे।
















