छत्तीसगढ़

नए पौधों की सुरक्षा और कंक्रीट से मुक्ति ही पर्यावरण का असली संवर्धन : राज्यपाल डेका

रायपुर। राजभवन में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात कर शहर और नवा रायपुर में रोपे गए पौधों की सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। इस मुलाकात में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पांडे, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, निगम आयुक्त श्री सम्बित मिश्रा सहित वन विभाग के आला अधिकारी मौजूद थे।

राज्यपाल ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि केवल पौधारोपण करना काफी नहीं है, बल्कि रोपे गए पौधों को जीवित रखना और उनकी निरंतर देखभाल करना सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर तत्काल काम करने के निर्देश दिए:

पेड़ों की कंक्रीट से मुक्ति: राज्यपाल ने कहा कि शहर में कई बड़े पेड़ों के चारों ओर सीमेंट और कंक्रीट का ढांचा बना दिया गया है, जिसे तुरंत हटाया जाए। जड़ों तक हवा और पानी का पहुंचना बेहद जरूरी है, तभी पेड़ों का सही विकास हो पाएगा।

ट्री-गार्ड हटाना: जो पेड़ अब बड़े और मजबूत हो चुके हैं, उनके पास से पुराने ट्री-गार्ड हटाने की आवश्यकता है ताकि वे खुलकर फैल सकें।

पेड़ों की कटाई पर रोक: विकास कार्यों के नाम पर अंधाधुंध कटाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केवल बेहद अनिवार्य और आपातकालीन स्थितियों में ही पेड़ काटने की अनुमति दी जानी चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसी मुहिमों के जरिए बड़े पैमाने पर हरियाली बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में वन विभाग और नगर निगम को मिलकर काम करना होगा ताकि पौधों के जीवित रहने की दर (सरवाइवल रेट) को बढ़ाया जा सके। राजधानी को हरा-भरा बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ ठोस प्रयास करने की जरूरत है।

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