पंजाब में कैंसर का बढ़ता कहर : हर घंटे 3 मौतें, मालवा क्षेत्र गंभीर संकट में

पंजाब (एजेंसी)। पंजाब में कैंसर एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुका है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में औसतन हर 21 मिनट में कैंसर के कारण एक मरीज की जान जा रही है। पिछले 5 सालों के दौरान कैंसर से होने वाली मौतों की दर में 9.22% की वृद्धि दर्ज की गई है। इस बीमारी की सबसे ज्यादा मार राज्य के मालवा क्षेत्र पर पड़ रही है।
सालों-साल बढ़ता बीमारी का दायरा
राज्य में कैंसर पीड़ितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है:
2021: 39,521 मामले
2022: 40,435 मामले
2023: 41,337 मामले
2024: 42,288 मामले
2025: 43,196 मामले
सरकार का कदम: ‘अधिसूचित बीमारी’ का दर्जा
बढ़ती स्थिति पर काबू पाने के लिए पंजाब सरकार ने कैंसर को ‘अधिसूचित रोग’ (Notified Disease) घोषित कर दिया है। अब सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों के लिए कैंसर के हर नए मामले और इससे होने वाली मृत्यु की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को देना अनिवार्य होगा। इसका मुख्य उद्देश्य सटीक आंकड़े जुटाकर एक ठोस रोकथाम रणनीति तैयार करना है।
हरियाणा में भी स्थिति चिंताजनक
कैंसर का यह असर केवल पंजाब तक सीमित नहीं है, बल्कि पड़ोसी राज्य हरियाणा में भी आंकड़े तेजी से बढ़े हैं।
2021 में हरियाणा: 30,015 मामले (16,543 मौतें)
2025 में हरियाणा: 33,395 मामले (18,387 मौतें)
मुख्य चुनौतियां और आवश्यकताएं
प्रारंभिक पहचान: ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों तक जांच और डायग्नोस्टिक सुविधाओं का विस्तार।
इलाज की सुलभता: मरीजों के लिए समय पर और सस्ती चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना।
जागरूकता अभियान: मालवा जैसे अत्यधिक प्रभावित इलाकों में जागरूकता और नियमित स्वास्थ्य जांच बढ़ाना।
















