बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास और सहायता के लिए प्रतिबद्ध राज्य सरकार, राजस्व मंत्री ने लिया स्थिति का जायजा

रायपुर। राज्य में जारी मूसलाधार बारिश के चलते कई नदियाँ उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। अभनपुर विधानसभा के गोबरा नवापारा, सोमवारी बाजार, नेहरू घाट, पारागांव, कुटीपारा और टीला समेत कई तटीय ग्रामीण इलाके बाढ़ के पानी से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले ढाई दशकों में क्षेत्र में इतना भीषण जलजमाव पहली बार देखा गया है, जहाँ नवापारा में पानी का स्तर लगभग 8 फीट तक पहुँच गया है।
2,000 नागरिकों का सुरक्षित रेस्क्यू, राहत शिविर स्थापित
आपदा की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक टीमों ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। अब तक करीब 2,000 प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालकर शेल्टर होम और राहत शिविरों में पहुँचाया जा चुका है। इन केंद्रों में विस्थापितों के लिए रहने, शुद्ध पेयजल और भोजन की उचित व्यवस्था की गई है।
राजस्व एवं आपदा मंत्री ने किया बाढ़ग्रस्त इलाकों का निरीक्षण
हालात का जायजा लेने के लिए राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने खुद प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उन्होंने शिविरों में जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। मंत्री ने प्रभावितों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए पूरी तरह तत्पर है।
तत्काल आर्थिक सहायता जारी, क्षति का आकलन कर मिलेगा मुआवजा
आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रभावित परिवारों को 5-5 हजार रुपये के तात्कालिक राहत चेक प्रदान किए गए। क्षतिग्रस्त मकानों के पुनरुद्धार का आश्वासन देते हुए मंत्री श्री वर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फसलों, संपत्ति और मकानों के नुकसान का जल्द से जल्द सटीक सर्वेक्षण किया जाए। सर्वे पूरा होते ही राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के नियमों के तहत सभी पीड़ितों को त्वरित रूप से मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
















