हेल्थ

बढ़ती उम्र और एंटीबायोटिक का मेल : क्या आप अनजाने में बढ़ा रहे हैं पेट की बीमारियों का जोखिम?

हेल्थ न्युज (एजेंसी)। आजकल मामूली संक्रमण होने पर भी एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन आम बात हो गई है। लेकिन 40 की उम्र पार कर चुके लोगों के लिए यह आदत भारी पड़ सकती है। हाल ही में ‘गट जर्नल’ में प्रकाशित एक रिसर्च के अनुसार, जो लोग 40 साल की उम्र के बाद अक्सर एंटीबायोटिक दवाओं का सहारा लेते हैं, उनमें इन्फ्लेमेटरी बाउल डिजीज (IBD) का खतरा करीब 48% तक बढ़ जाता है।

शोध के मुख्य निष्कर्ष

न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने डेनमार्क के लगभग 61 लाख लोगों के स्वास्थ्य डेटा (2000-2018 के बीच) का गहराई से अध्ययन किया। इस शोध के कुछ चौंकाने वाले बिंदु नीचे दिए गए हैं:

आयु वर्ग और जोखिम: 10 से 40 वर्ष की आयु के लोगों में एंटीबायोटिक के कारण IBD का खतरा 40% बढ़ता है, जबकि 40 से 60 वर्ष के लोगों में यह खतरा बढ़कर 48% हो जाता है।

बीमारियों के प्रकार: एंटीबायोटिक के अत्यधिक उपयोग से मुख्य रूप से अल्सरेटिव कोलाइटिस और क्रोहन डिजीज जैसी गंभीर समस्याओं के लक्षण विकसित होते पाए गए।

दवाओं का प्रभाव: पेट के संक्रमण में दी जाने वाली नाइट्रोइमिडाजोल और फ्लोरोक्विनोलोन जैसी दवाएं सबसे अधिक जोखिम पैदा करती हैं। राहत की बात यह है कि नाइट्रोफ्यूरेंटोइन के इस्तेमाल से IBD का कोई खतरा नहीं देखा गया।

क्यों बढ़ जाता है यह खतरा?

विशेषज्ञों का मानना है कि एंटीबायोटिक दवाएं हमारे पेट के भीतर मौजूद अच्छे और बुरे बैक्टीरिया के संतुलन (माइक्रोबायोम) को बिगाड़ देती हैं।

विशेषज्ञों का तर्क: जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हमारे आंतों के सूक्ष्मजीवों (Microbiomes) में प्राकृतिक रूप से लचीलापन कम होने लगता है। ऐसे में एंटीबायोटिक दवाओं का प्रहार इन रोगाणुओं को और कमजोर कर देता है, जिससे पेट की पुरानी और गंभीर बीमारियां पनपने लगती हैं।

सावधानी ही सुरक्षा है

अध्ययन यह स्पष्ट करता है कि एंटीबायोटिक दवाओं का कोर्स पूरा होने के 1 से 2 साल बाद IBD का खतरा अपने उच्चतम स्तर पर होता है। इसलिए, अगली बार कोई भी एंटीबायोटिक लेने से पहले डॉक्टर से उसके संभावित साइड इफेक्ट्स पर चर्चा जरूर करें।

याद रखें, हर छोटी समस्या का समाधान केवल दवा नहीं होती; संतुलित जीवनशैली और सही खान-पान भी आपकी आंतों को स्वस्थ रख सकते हैं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button